शिक्षिका ने प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप रिछारिया पर लगाया अश्लील व्हाट्सएप मेसेज और प्रताड़ित करने का आरोप ! पूर्व में भी बीईओ का विवादों से रहा नाता
हरदा : जिले के छीपाबड़ थाने में एक शिक्षिका ने प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप रिछारिया पर व्हाटसप एप पर अश्लील मेसेज भेजने के आरोप लगाते हुए। थाने में लिखित शिकायत आवेदन दिया है।
शिक्षिका का आरोप है कि उक्त अश्लील मेसेज के संबंध में उन्होंने विभाग की शिक्षिकाओं को बाताया उन्होने मुझे समझाईश दी। और शिकायत न करने को कहा था। शिक्षिका काफी समय चुप रही।
लेकिन उसके बाद भी प्रदीप रिछारिया द्वारा शिक्षिका को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। एवं दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षिका ने अपने शिकायती आवेदन में कहा कि मेरे मौन एवं संयम को श्री प्रदीप रिछारिया ने मेरी कमजोरी समझ लिया तथा इसके बाद से मुझे विभिन्न प्रकार की विभागीय प्रताड़ना एवं मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षिका ने कहा कि वो 57 वर्ष की है और इस प्रकार की घटनाओं के कारण मैं अत्याधिक मानसिक तनाव एंव पीड़ा से गुजर रही हूँ। यह स्थिति मेरे स्वास्थ्य कार्य क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने थाना प्रभारी को दिए शिकायत आवेदन में कार्यवाही की मांग की है।
इधर सूत्रों की माने तो बीती रात विकास खंड शिक्षा अधिकारी पुलिस थाने पहुंचे थे।
थाने के अंदर दोनों पक्षों से पुलिस ने चर्चा की। वहीं रात्रि में जब प्रदीप कुमार रिछारिया थाने से बाहर निकले तो हंसते हुए बाहर निकले।
ऐसी जानकारी है कि FIR के डर से थाने ने माफी नामा लिखकर दिया है। उसके बाद थाने की चौखट से बाहर निकलते समय वो हंसते हुए बाहर निकले जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिकायत सहित अश्लील मेसेज के संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार से से उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।
इधर हम आपको बता दे कि शिक्षा विभाग पूर्व से प्रदीप कुमार पर मेहरबान है। जिला शिक्षा अधिकारी ने तो प्रधान पाठक से सीधे उनको प्रभारी विकास खंड अधिकारी बना दिया है। जबकि एक संकुल में दो दो प्रभारियों की नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी।
कहते है ना कि जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का।
अब तो देखना होगा कि जिलाधीश महोदय इस मामले में क्या कोई एक्शन लेंगे। या फिर प्रदीप कुमार जैसे रंगीन मिजाज अधिकारी निचले स्तर के शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना के शिकार बनाते रहेंगे।

