मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के बाद भी नहीं हटाया गया स्वागत द्वार,
नगरपालिका और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
मकड़ाई एक्सप्रेस | हरदा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 9 अक्टूबर को हरदा आगमन के दौरान स्वागत के लिए शहर के मुख्य मार्ग पर लगाया गया अस्थायी स्वागत द्वार अब तक नहीं हटाया गया है। शहर के व्यस्ततम मार्ग पर खड़े इस द्वार को लेकर यातायात व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायत है कि शाम के समय वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री का दौरा संपन्न हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्वागत के लिए लगाया गया अस्थायी ढांचा अब भी सड़क पर मौजूद है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कार्यक्रम समाप्त हो चुका है, तो इस द्वार को हटाने में देरी क्यों हो रही है।
शाम होते ही बढ़ती है परेशानी
शहर के मुख्य मार्ग पर
यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में सड़क पर लगे अस्थायी स्वागत द्वार को लेकर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। शाम के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर जाम की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यदि इस द्वार के कारण यातायात बाधित हो रहा है, तो इसे हटाने या यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है।
नगरपालिका और यातायात विभाग से सवाल
अस्थायी स्वागत द्वार को लेकर अब नगरपालिका और यातायात विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्या संबंधित विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है? क्या स्वागत द्वार को हटाने के लिए कोई समय-सीमा तय की गई है? मुख्यमंत्री के दौरे के बाद भी इसे सड़क पर बनाए रखने की क्या वजह है?
शहरवासियों के हित में संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। यदि स्वागत द्वार से आवागमन प्रभावित हो रहा है, तो उसे जल्द हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को जाम की परेशानी से राहत मिल सके।
मकड़ाई एक्सप्रेस का सवाल: मुख्यमंत्री का दौरा हो गया, अब स्वागत द्वार कब हटेगा?

