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मंदिर ट्रस्ट की जमीन नीलामी पर लगा ब्रेक, गड़बड़ी के लगे आरोप

के के यदुवंशी 

सिवनी मालवा। नंदरवाड़ा रोड स्थित रामजानकी राधाकृष्ण मंदिर और श्री ठाकुर महावीर जी मंदिर ट्रस्ट की कृषि भूमि की नीलामी टल गई है। तहसीलदार नितिन झोड़ ने नीलामी रद्द कर दी है और अब यह प्रक्रिया जून महीने में होगी।

नीलामी रद्द होने के पीछे ट्रस्टियों द्वारा पेश किया गया खोटनामा’ है, जिसमें मूंग की फसल तक जमीन दिए जाने का हवाला दिया गया है। इसी आधार पर फिलहाल नीलामी स्थगित की गई है।

आरोप लगा है कि 20-25 हजार में दी जा रही लाखों की जमीन।

भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्रस्ट हर साल खुली नीलामी किए बिना आपसी साठगांठ से औने-पौने दामों पर जमीन बांट देता है। उन्होंने प्रशासन को शिकायत की उसके बाद प्रशासन हरकत में आया

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तिवारी का दावा है कि बाजार भाव से काफी कम, महज 20-25 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन दी जा रही है, जिससे मंदिर ट्रस्ट को हर साल लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

80 एकड़ जमीन से कमाई पर सवाल खड़े हुए हैं , जानकारी अनुसार बराखड़ कला में मंदिर की लगभग 70 एकड़ और दूधियाबढ़ में 15 एकड़ कृषि भूमि से होने वाली वास्तविक आय को रिकॉर्ड में कम दिखाया जाता है। इसके साथ ही बिना बस स्टैंड पर नाले के ऊपर बगैर अनुमति दुकानें बनवाने, बिना नीलामी के आवंटन और करोड़ों रुपए की हेराफेरी के भी आरोप लगाए गए हैं।

नीरज तिवारी ने यह भी कहा कि एक कॉलोनी की वैधता समाप्त होने के बाद भी नियम विरुद्ध प्लॉटों की बिक्री की गई। उनकी शिकायत पर कलेक्टर और कमिश्नर के संज्ञान के बाद नीलामी शुरू हुई थी, जिसे अब टाल दिया गया है।

ऑडिट रिपोर्ट पर भी उठे सवाल 

ट्रस्ट पर आरोप है कि वह ऑडिट रिपोर्ट में सही आय नहीं दर्शाता, जिसके कारण धार्मिक आयोजनों के लिए भी चंदा एकत्र करना पड़ता है।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जून में होने वाली नीलामी से ही तय होगा कि मंदिर की संपत्ति का पारदर्शी तरीके से प्रबंधन हो पाएगा या नहीं। शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।