दिनेश अखाड़िया ब्यूरो
राणापुर (झाबुआ)। शासन की हर घर नल योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन झाबुआ जिले की जनपद पंचायत राणापुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढोलियावाड़ में योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है, टंकी में पानी भी भरा है और घरों तक पाइपलाइन बिछाकर नल कनेक्शन भी दे दिए गए हैं। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से गांव के अधिकांश मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है।
टंकी भरी, नल लगे, फिर भी नहीं मिल रहा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, ढोलियावाड़ के लगभग 15 से 20 मोहल्लों में से केवल एक-दो मोहल्लों में ही कभी-कभार दो-तीन दिन के अंतराल पर पानी छोड़ा जाता है। वहीं, बाकी मोहल्लों के नल लंबे समय से सूखे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव में पानी की टंकी और पाइपलाइन की व्यवस्था उपलब्ध है, तो सभी मोहल्लों तक पानी क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर वाल्व नहीं खोले जाने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
स्कूल और छात्रावास होने के बावजूद परेशानी
ढोलियावाड़ में हायर सेकेंडरी स्कूल और छात्रावास भी संचालित हैं।
ऐसे में गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति का महत्व और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना का लाभ सभी परिवारों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए, ताकि लोगों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े।
हैंडपंप और कुओं से पानी लाने को मजबूर महिलाएं
गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। उन्हें सुबह से लेकर शाम और कई बार रात तक हैंडपंपों तथा कुओं से पानी लाने के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में नल कनेक्शन होने के बावजूद यदि पानी नहीं मिलता, तो योजना का वास्तविक लाभ कैसे मिलेगा?
झाबुआ जिले में नल-जल योजनाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल
ग्रामीणों ने जिले में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन और रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पाइपलाइन बिछाने और परियोजना पूर्ण होने के बाद यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि प्रत्येक परिवार तक नियमित रूप से पानी पहुंचे। केवल निर्माण कार्य पूरा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजना का लाभ जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
ग्रामीणों की तीन प्रमुख मांगें
ढोलियावाड़ के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निम्नलिखित मांगें की हैं—
नियमित जलापूर्ति: पूरे गांव में मोहल्लावार रोस्टर बनाकर प्रतिदिन पानी छोड़ा जाए।
वाल्व संचालन की जांच: वाल्व संचालन में कथित मनमानी और भेदभाव की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
मौके पर निरीक्षण: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग और जनपद पंचायत राणापुर के अधिकारी गांव पहुंचकर जलापूर्ति व्यवस्था की जांच करें।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, शिकायत की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर पूरे गांव में समान रूप से जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे जनपद पंचायत राणापुर और कलेक्टर कार्यालय झाबुआ में शिकायत दर्ज कराएंगे।
अब सवाल यह है कि जब गांव में पानी की टंकी, पाइपलाइन और नल कनेक्शन उपलब्ध हैं, तो अधिकांश मोहल्लों तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा है? संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को योजना का लाभ मिल सके।

