jhankar
ब्रेकिंग
सड़कों से गायब होंगे निराश्रित गोवंश, बांदर खो गौशाला में मिलेगी शरण, सड़क हादसे रोकने एसडीम विजय रा... सड़क निर्माण के दौरान अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का ज्ञापन, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुदेश शर्मा ने आंदो... बानापुरा स्पा सेंटर पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तत्काल कराया बंद मकड़ाई एक्सप्रेस 24 की खबर का असर पहले प्रेम विवाह, फिर छिपाया पहली शादी का सच, मौसी के घर से युवती का अपहरण, वीडियो वायरल होने पर पति... सरकारी अनुदान के खाद-बीज की कालाबाजारी का आरोप, सरकारी सील लगी बोरियां मंडी में बिकती मिलीं बिना रेरा और डायवर्शन के कृषि भूमि पर धड़ल्ले से बिक रहे महंगे प्लॉट, प्रशासन मौन! E20 नीति किसानों, युवाओं और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय : अशोक गुर्जर मध्य प्रदेश की 20 बड़ी खबरें | गुरुवार, 9 जुलाई 2026 ,0राजनीति, मौसम, विकास, अपराध और प्रदेश की हर ब... आज का पंचांग एवं राशिफल 🕉️ गुरुवार, 09 जुलाई 2026 9 साल से टापू बना नजरपुरा का मुक्तिधाम, उफनती नदी पार कर शव यात्रा निकालने को मजबूर ग्रामीण

बागेश्वर धाम में 300 बेटियों की शादी का समारोह, विभिन्न राज्यों और पृष्ठभूमि से आएगी शादियां

छतरपुर। बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री 300 गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का विवाह कराएंगे। यह सप्तम कन्या विवाह महोत्सव नेपाल सहित देश के 10 राज्यों की बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस विवाह का सारा खर्च धाम की दान पेटी में आई राशि से उठाया जाएगा। बेटियों का चयन देश के 60 जिलों से किया गया है, जिनमें मध्य प्रदेश से 229 और उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल हैं।

10 राज्यों से किया है चयन
इस खास विवाह महोत्सव में कुल 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। इन बेटियों का चयन देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से किया गया है। मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 229 बेटियां इस विवाह में शामिल हो रही हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल होंगी। खास बात यह है कि नेपाल से भी एक बेटी इस विवाह के लिए बागेश्वर धाम आ रही है। यह आयोजन शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जा रहा है।

- Install Android App -

कई बेटियों का कोई नहीं
चयनित 300 बेटियों में 60 अनाथ हैं। 138 बेटियां ऐसी हैं जिनके पिता नहीं हैं, और 28 बेटियां ऐसी हैं जिनके माता नहीं हैं। इसके अलावा, 8 दिव्यांग बेटियां और 23 दिव्यांग माता-पिता की बेटियां भी इस विवाह में शामिल होंगी। 39 बेटियां बहुत ही गरीब परिवारों से हैं।

दान पेटी की राशि से होती हैं शादियां
बागेश्वर धाम की दान पेटी में जो भी राशि आती है, उसी से इन बेटियों के विवाह का सारा खर्च उठाया जाता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि अगर देशभर के मठ-मंदिरों में ऐसी पहल हो तो गरीब बेटियों का घर बस सकेगा और कोई भी बेटी को बोझ नहीं समझेगा। बेटियों और वर पक्ष की ओर से 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बागेश्वर धाम आकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए गए थे। इसी के आधार पर बेटियों का चयन किया गया है।

इन बेटियों के लगेगी मेहंदी
इस विवाह में शामिल होने वाली कुछ बेटियों के नाम रंजीता सेन, नीलू कुशवाहा, रानू रघुवंशी, सपना विश्वकर्मा, मांसी श्रीवास्तव, मासूम प्रजापति, ज्योति, शिवानी कुशवाहा, राधिका खेंगर, नीलम कोरोची, शशि, अंजो सेन, लक्ष्मी अनुरागी, पूजा बंसल, साधना आदिवासी, अनमोल रैकवार, धनवंती नगपुरे, आरती रैकवार, गायत्री अहिरवार, हिरिया बाई कोंदर, वर्षा अहिरवार, मीनू सेन, प्रिया देवी विश्वकर्मा, रक्षा देवी कचेरे, वंदना अहिरवार, पूजा यादव, पूजा विश्वकर्मा, माया अहिरवार, रानी नामदेव, लक्ष्मी सोनी, पदमनी रैकवार, देवकुमारी, कुमकुम पुष्पकार, कु. रानी कुशवाहा आदि हैं।