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आंध्र प्रदेश: स्वाइन फ्लू से 2 की मौत, पूरे गांव का बॉयकॉट कर रोकी दूध-पानी की सप्लाई

विजयवाड़ाः आंध्र प्रदेश के कृष्णानगर जिले में एक महिला और एक पुरुष की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद आसपास के गांव वालों ने यहां रहने वाले लोगों का बहिष्कार कर दिया है। समाज के बहिष्कार के बाद यहां के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यहां के लोगों का पब्लिक ट्रांसपॉर्ट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं गांव के बच्चों को स्कूल की बसें तक लेने नहीं आ रही हैं जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। दूध वाले दूध नहीं देने आ रहे हैं। पानी तक की स्पलाई गांव में रोक दी गई है। अगर इस गांव का कोई शख्स किसी बस में चढ़ भी जाता है तो उसे जबरन नीचे उतार दिया जाता है। बच्चों को गांव में खेलने से भी रोक दिया गया है।
कोडुरु मंडल का चिंताकोल्लू विजयवाड़ा से 70 किलोमाटर दूर है। कुछ दिन पूर्व यहां एक महिला की मौत हो गई थी और उसके कुछ दिन बाद पुरुष की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई लेकिन गांव में अफवाह उड़ गई कि दोनों की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। हालांकि स्थानीय डॉक्टरों ने इस खबर का खंडन भी किया और कहा कि दोनों की मौत स्वाइन फ्लू से नहीं हुई लेकिन पड़ोसी गांव इस बात को मानने के लिए राजी ही नहीं हुए और पूरे गांव का बहिष्कार कर दिया गया। 6 दिसंबर से लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जरूरत की चीजों की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। लोगों को किसी भी पब्लिक प्लेस पर जाने की मनाही है।
सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने पर प्रशासन हरकत में आया। डीएम ने बताया कि जैसे ही इस बारे में खबर मिली गांव में सबसे पहले पानी का टैंकर भिजवाया गया ताकि लोगों की पानी की समस्या दूर हो सके। वहीं गांव में मैडीकल कैंप भी लगाया है और हर व्यकित की जांच की जा रही है ताकि पड़ोसी गांव के लोगों का शक दूर हो। गांव में होम्योपथी दवा बांटी जा रही है। साथ ही निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी ने भी गांववालों का बहिष्कार किया तो उसके खिलाफ सख्त से सखत् कार्रवाई जाएगी।