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एआईएमआईएम चीफ ओवैसी पर हमले के बाद केंद्र ने दी जेड प्लस सुरक्षा, हमलावर बोले जान से मारने का नही था इरादा, नफरत की राजनीति छोड़ दे ओवैसी इसलियें किया हमला

सचिन का एक और पोस्ट है जिसमें उसने लिखा है, ‘पीएम मोदी मुझमें आरडीएक्स बम लगाकर हेलीकाप्टर से पाकिस्तान में फेंक दो, मैं तैयार हूं।

लखनऊ। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की कार पर कल हापुड़ में छिजारसी टाल प्लाजा पर हुई फायरिंग की घटना के संबंध में बादलपुर, ग्रेटर नोएडा के सचिन और नकुर, सांपला के शुभम को गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि पकड़े गए लोगों से व्यापक पूछताछ की जा रही है। उन्होने बताया कि अभी तक जो जानकारी निकलकर सामने आई है, उसके अनुसार दोनो हमलावर पिछले कुछ समय में ओवैसी दवारा धर्म विशेष पर टिप्पणी किए जाने एवं उनके भाषणों को लेकर नाराज थे। इस हमले के पीछे इन दोनों के पीछे और कोई है या नहीं इसकी विस्तृत छानबीन की जा रही है। इस बीच आज केंद्र सरकार ने ओवैसी पर कल हुए हमले के बाद उन्हे जेड प्लस सुरक्षा तत्काल मुहैय्या कराए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ओवैसी को अब केंद्र सरकार ने जेड कैटेगरी सुरक्षा देने का फैसला लिया है, जिसमें सीआरपीएफ जवान होंगे। जेड कैटेगरी सिक्योरिटी में 22 सुरक्षा जवान मिलेंगे, जो हर दिन 24 घंटे उनके साथ रहेंगे। वहीं उनके आवास पर भी एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर और सिक्योरिटी रहेगी।

ओवैसी ने कहा था नहीं लूंगा सुरक्षा. . . . .
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हमले के बाद कहा कि मैंने अपना राजनीतिक करियर 1994 से शुरू किया है, अब तक मैंने किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं ली है, मुझे ये पसंद नहीं है। मेरी जान की हिफाजत करना सरकार की जिम्मेदारी है, मैं भविष्य में भी कभी सुरक्षा नहीं लूंगा। जब मेरा वक्त आएगा तब चला जाऊंगा। वहीं एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया है कि ओवैसी पर हमला करने वाले दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है, इसमें 307 (हत्या की कोशिश) की धारा लगाई गई है। एफआईआर में सचिन शर्मा और शुभम का नाम दर्ज है।

पूरी तैयारी के साथ आए थे दोनों हमलावर…..
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर हमले के लिए पूरी तैयारी की गई थी। दोनों हमलावर युवक पहले से तैयार खड़े थे। ओवैसी का काफिला जैसे ही टोल प्लाजा पहुंचा, वे नजदीक आ गए। जैसे ही गाड़ियों की रफ्तार धीमी हुई, वैसे ही ओवैसी की कार पर गोली चला दी। फुटेज में नजर आ रहा है कि दोनों ने गोली कार के नीचे की तरफ ही चलाई। वे हमले के लिए ओवैसी के आने से डेढ़ घंटा पहले पहुंचे थे। हमलावरों में से सचिन को मौके से पकड़ा गया जबकि शुभम की गिरफ्तारी गाजियाबाद से सिंहानी गेट से की गई। दोनों ने पूछताछ में कई बार अपने नाम बदले। बाद में सचिन और शुभम बताया।

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ओवैसी ने घटनास्थल से जाने के बाद एएसपी को फोन किया। उन्हे पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होने कहा कि वह पहले समझे कि आस पास कोई धमाका हुआ। दूसरी गोली चलने पर अहसास हुआ कि फायरिंग हो रही है। निशाना उनकी कार ही थी। चार गोलियां चलीं, तीन के निशान मिले। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने जांच पड़ताल के बाद पुलिस को बताया कि कुल चार गोलियां चलाई गईं। जिस कार में ओवैसी थे, उस पर गोली लगने के तीन निशान मिले हैं। इनमें दो टायरों के पास हैं।

हमलावर को कार से मारी टक्कर. . . . .
हमलावरों में से एक ने सफेद शर्ट पहन रखी थी। दूसरे ने हुड वाली जैकेट जो लाल रंग की थी। जैकेट वाला हमलावर भागा नहीं था। ओवैसी के आगे चल रही कार के ड्राइवर ने उसे देखा तो टक्कर मार दी। इससे वह गिर पड़ा। इसके बाद उसे पकड़ा गया। उसके हाथ में पिस्तौल थी। पुलिस की पूछताछ में सचिन और शुभम ने बताया कि वे किसी दल के कार्यकर्ता नहीं हैं। असदुद्दीन ओवैसी से ज्यादा नाराजगी उनके भाई अकबरुद्दीन से है। काफी दिन से हमला करने की सोच रहे थे। उनका इरादा ओवैसी की जान लेने का नहीं, बल्कि यह संदेश देना था कि नफरत की राजनीति छोड़ दें। ओवैसी को नुकसान न हो, इसलिए गोली कार के निचले हिस्से में चलाई थी। आरोपी सचिन पर पहले से 307 का एक मुकदमा दर्ज है। दोनों के पास से कंट्री मेड मुंगेर टाइप पिस्टलें बरामद हुई हैं जो इन्होंने हाल ही में किसी से खरीदे थे। एक-दो लोगों के नाम सामने आए हैं जिनसे इन्होंने हथियार खरीदे थे उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

फेसबुक अकाउंट पर देशभक्ति, कट्टरता की बातें…
ओवैसी पर हमला करने वाले मुख्य आरोपी सचिन का सोशल मीडिया अकाउंट देशभक्ति और कट्टरता से भरा हुआ है। साल 2018 में ओवैसी और उनके भाई का वीडियो शेयर किया गया है, इसमें ओवैसी भाइयों की तस्वीरों पर तलवार का निशान बनाया गया है। सचिन ने फेसबुक पर देशभक्त सचिन हिंदू के नाम से प्रोफाइल बनाई हुई है। कई नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें हैं। सचिन का एक और पोस्ट है जिसमें उसने लिखा है, ‘पीएम मोदी मुझमें आरडीएक्स बम लगाकर हेलीकाप्टर से पाकिस्तान में फेंक दो, मैं तैयार हूं। (4 फरवरी 2022)

विशेष संवाददाता विजय आनंद वर्मा की रिपोर्ट