नागरिकों की मांग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना की हो जांच
के के यदुवंशी सिवनी मालवा। करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो शासन ने बनवा दिया। लेकिन स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। होशंगाबाद जिले के सिवनी मालवा तहसील में शासन के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग तो करोड़ों की बना दी लेकिन इलाज के नाम पर कुछ भी सुविधा नहीं दे पाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की ओर दौड़ना पड़ता है। कोरोनावायरस महामारी की जांच के सैंपल भी होशंगाबाद जाते हैं। जिससे जांच 3 या 4 दिन में आती है। इस और ना तो जनप्रतिनिधि विधायक सांसद कोई भी ध्यान नहीं देते। वही शहर में लगातार कोरोनावायरस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। उसे देखते हुए शहर के नागरिकों ने कोरोना के रैपिड टेस्ट किट की मांग कर रहे हैं। जिससे कोरोना टेस्ट के सैम्पल देने वाले मरीजों को उसी दिन उसकी जांच रिपोर्ट मिल जाए। जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा। नागरिक द्वारा सैम्पल देने के 3 से 4 दिन मैं रिपोर्ट आती है। और सैंपल देने वाला शहर में बेख़ौफ़ होकर नगर मैं घूमता है। और जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। जब स्वास्थ्य विभाग उसे ढूंढने निकलता है। ऐसे में वह कितने लोगों से मिलता है। कितने लोगों के संपर्क में रहता है। जिससे वो जाने अनजाने मैं ना जाने कितने लोगों को इन्फेक्टेड कर देता है। वही शासन ने हमारे नजदीकी शहर हरदा ओर इटारसी मैं रैपिड टेस्ट किट की व्यवस्था है। अगर शासन व्यवस्था कर दे तो संक्रमण की दर को कम किया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिसका भी सैंपल लिया जाए। उसे घर पर नहीं सेंटर बनाए गए हैं। वहां करना चाहिए जांच रिपोर्ट के बाद ही उसे छोड़ना चाहिए। अगर ऐसा ना हुआ तो लगातार कोरोनावायरस के मरीज बढ़ते जाएंगे।

