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जिला गुना की घटना में दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जाए – जिलाध्यक्ष राहुल पवारे

हरदा। तहसील कार्यालय हरदा मे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के नेतृत्व मे नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मे उपस्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के जिलाध्यक्ष राहुल पवारे ने गुना जिले की घटना को बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश मे हाल ही मे अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर घोर अन्याय अत्याचार के संबंध मे पुलिस कर्मियो के द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। विश्वव्यापी कोरोना वायरस महामारी मे इस तरह की घटनाओ के माध्यम से ऊपर लगातार अत्याचार हो रहा है। जिससे जातिवादी,मानसिकता से ग्रसित लोगो के हौसले बुलंद होते जा रहे है। वर्तमान में 14 जुलाई 2020 को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगो पर हुआ अत्याचार एवं शोषण बहुत ही दयनीय है। जिलाध्यक्ष पवारे ने बताया कि मध्य प्रदेश के गुना जिले मे अनुसूचित जाति के किसान दंपत्ति पर बर्बर तरीके से लाठी बरसाने और जहर पीने के लिए मजबूर करने वाले अधिकारी कर्मचारियो पर एससी एसटी एक्ट के तहत एफ आई आर दर्ज की जाए एवं 307 का मामला कायम किया जाए जो कि किसान की मृत्यु हुई है। पुलिस अधिकारियो की लाठी से हुई है। लेकिन इस तरह कानून हाथ मे लेकर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी द्वारा उक्त दंपति तथा उनके परिवार और मासूम बच्चो को बेरहमी से पिटाई की गई। महिला के कपड़े फट गए प्रशासन पर पुलिस का यह सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मर्यादा को भूल गए। मध्य प्रदेश सरकार सत्ता के हवस मे सभी को भूल गई। जिलाध्यक्ष ने कहा शिवराज सरकार ने एसपी और कलेक्टर के तबादले करने से कुछ नही होता जो भी अधिकारी दोषी है। उन सभी की सेवा समाप्त की जाए।
जिलाध्यक्ष एवं संगठन के कार्यकर्ताओ ने शासन को खुली चेतावनी दी और कहा अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ पूरे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए बाधित होगा।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम पांजरी के एक अनुसूचित जाति के परिवार पर सवर्णों के द्वारा जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए। प्राणघातक हमला कर दिया गया और पीड़ितो के हाथ पैर लाठियो से पीटते हुए तोड़ दिए। जिसमे एक महिला सहित पांच लोग गंभीर घायल है। उनका प्राथमिक उपचार नरसिंहगढ़ मे होने के पश्चात उन्हे भोपाल रेफर कर दिया गया। जिनका इलाज भोपाल मे चल रहा है। पीड़ित परिवार के साथ लगभग 80 से 90 लोगो ने मारपीट की थी। लेकिन एट्रोसिटी एक्ट के तहत मात्र 10 लोगो पर ही मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन अभी तक इस मामले मे किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नही हुई है। प्राणघातक हमला का प्रकरण दर्ज भी नही किया गया संगठन के कार्यकर्ता बहुत रोष मे है। अतिशीघ्र आरोपी की गिरफ्तारी मे प्राणघातक हमले का मामला दर्ज करने की मांग करता है।
संगठन के कार्यकर्ताओ ने कोरोना महामारी के चलते लॉक डाउन का पालन करते हुए, मास्क लगाकर, नायब तहसीलदार महोदय को माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा और संगठन के कार्यकर्ताओ द्वारा जल्द से जल्द उचित कार्यवाही एवं आरोपियो के तहत सेवा से निलंबित करने की मांग की है। ज्ञापन मे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के जिला अध्यक्ष राहुल पवारे, आदिवासी छात्र संगठन के जिला अध्यक्ष लोकेश कलमे, युवा कार्यकर्ता अर्जुन हुरमाले,राकेश चौरसिया मौजूद रहे। संगठन के कार्यकर्ताओ ने गुना घटना के मामले मे रोष जताया।