टिमरनी में अबैध अतिक्रमण हटाने मुहीम हुई तेज, नपं सीएमओ व एसडीएम द्वारा कार्यवाही न करने पर लग रहे सवालिया निशान
मकड़ाई समाचार टिमरनी। टिमरनी नगर में स्टेशन बस्ती मार्ग पर राधास्वामी स्कूल के पास रैन बसेरा के सामने जो अवैध अतिक्रमण कारियों ने अपना कब्जा जमा रखा है इसको लेकर पिछले लगातार चार दिनों से प्रमुखता से समाचार पत्रों के माध्यम से खबर प्रकाशित कर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है। प्रशासन सकते में तो आ गया है लेकिन निचले स्तर कर्मचारियों द्वारा उच्च स्तर के अधिकारियों को गुमराह एवं भ्रामक जानकारियां देकर मामले को रफा-दफा करते नजर आ रहे हैं। इस समस्या को लेकर नगर के कुछ युवा लोग भी सामने आ रहे हैं जो नगर में अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुहिम में साथ देते हुए टिमरनी एसडीएम व नगर पंचायत सीएमओ द्वारा इन क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं हटाने को लेकर रोजाना सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज करेंगे। जिसका जवाबदार स्थानीय प्रशासन होगा।
तो वही शिकायतकर्ता बालकृष्ण उर्फ गोलू रात्रे द्वारा बताया गया कि मैंने अतिक्रमण हटाने को लेकर कमिश्नर एसडीएम सीएमओ सहित 181 पर भी शिकायत की किंतु अभी तक प्रशासन के कानों में जूं तक न रेंगी। और जिन लोगों ने कब्जा कर रखा है उनके दबाव में आकर नगर पंचायत के सीएमओ अपने वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करते हुए गलत जानकारी दे रहे हैं लेकिन जिले के वरिष्ठ अधिकारी जगह का निरीक्षण करे जिससे सारी हकीकत सामने आ जाएगी।
रोज करेंगे सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
नगर की कुछ युवा और वरिष्ठ जनों ने चर्चा के दौरान कहा कि अगर प्रशासन 2 दिनों में अतिक्रमण नहीं हटाता है तो एसडीएम और सीएमओ के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर रोजाना शिकायत की जाएगी और इन अधिकारियों द्वारा नगर में ध्यान न देने और शिकवे शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करने की शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। और यह सिलसिला तब तक चलता रहेगा जब तक इस क्षेत्र का पूर्ण रूप से अतिक्रमण हट ना सके।
किसके दबाव में काम कर रहा प्रशासन
नगर पंचायत के भ्रष्ट सीएमओ राहुल शर्मा की अनुविभागीय अधिकारी से लगातार शिकवे शिकायत के बावजूद भी इस और कोई ध्यान ना देना और अतिक्रमण की जगह को मंदिर बताकर भ्रमक जानकारी दी जा रही है जिससे यह पता चलता है कि अधिकारी किसी के दबाव में आकर अपने कर्तव्य से दूर हो रहे हैं जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं वह दिन दूर नहीं जब नगर की सड़कें अतिक्रमण की पूर्ण चपेट में होगी तब प्रशासन के लिए अतिक्रमण हटाना और भी दुखदाई हो सकेगा।

