ग्राम दिदमदा मैं आदिवासी ग्रामीणों को पट्टे देने के लिए संयुक्त कलेक्टर श्यामेंद्र जयसवाल को ज्ञापन सौंपा उपस्थित जनपद सदस्य शांति गंगाराम कलम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ जिला अध्यक्ष राहुल पवारेे दशरथ नागराज के साथ सैकड़ों आदिवासी लोग हरदा कलेक्ट्रेट पहुंचे|
टिमरनीं। ग्राम दिदमदा में आदिवासी ग्रामीणों को पट्टे देने के लिए संयुक्त कलेक्टर श्यामेंद्र जयसवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के दौरान उपस्थित जनपद सदस्य शांति गंगाराम कलम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ जिला अध्यक्ष राहुल पवारेे दशरथ नागराज के साथ सैकड़ों आदिवासी लोग हरदा कलेक्ट्रेट पहुंचे। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के युवा राहुल पंवारे ने ज्ञापन में बताया कि टिमरनी तहसील के आदिवासी क्षेत्र गांव रहटगाब तहसील के अंतर्गत वन विभाग की जमीन पर वर्षों से पूर्वजों के समय से खेती करते चले आ रहे हैं पूर्व में 2013-14 वन विभाग द्वारा वन अधिकार पट्टा दिया गया जो कि पूरी पूरी जमीन का नहीं दिया गया थां। पूर्व में जो सर्वे से शेष जमीन बची थी उसके लिए हम आदिवासी लोगों द्वारा दो तीन बार आवेदन दिया गया वन विभाग द्वारा 2020-21 पट्टे हेतु सर्वे में नाम मोबाइल में दिए गए। जिसमें ग्राम रोजगार सहायक छोटा सचिव सर्वे की जिम्मेदारी दी गईं । जिसमें से कुछ कुछ लोगों का सर्वे हुआ जिनका अभी भी पट्टा नहीं मिला और बाकी लोगों का सर्वे होना बाकी हैं।
हमारे द्वारा कई बार नाकेदार वन परिक्षेत्र अधिकारी और को भी आवेदन दिया गया। कुछ लोगो का सर्वे हुआ पर पट्टा नही मिला। कुछ का हुआ ही नही है। सचिव भी हमारी बात को टाल देता है। आदिम जाति कल्याण विभाग करता हमारी तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है निवेदन है कि हम रहे गांव तहसील ग्राम के आदिवासी लोग का पट्टा वाली समस्या का हल करने की कृपा करें आदिवासी क्षेत्रों में जमीन का हम लोगों द्वारा पट्टा कई वर्षों से मांग रहे हैं यह 25 साल पुरानी बात है। पूर्वजों के समय की जमीन है न ही कोई नया अतिक्रमण किया है उम्मीद है कि हमारी स्थिति को देखते हुए यदि पोर्टल चालू नहीं होते हैं तो चालू करवाने की कृपा करे आपत्ति फार्म की जानकारी और कितने सर्वे हो गए हैं उसकी जानकारी एवं पट्टे की जानकारी उपलब्ध कराई जाए हम लोगों को ग्राम पंचायत सचिव एवं वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है आवेदन पत्र को स्वीकार करते हुए किसान उसी की रही सर्वे कराकर आदिवासी लोगों को पट्टा दिया जाए ताकि शासन की योजना का लाभ मिल सके।
हमारे द्वारा कई बार नाकेदार वन परिक्षेत्र अधिकारी और को भी आवेदन दिया गया। कुछ लोगो का सर्वे हुआ पर पट्टा नही मिला। कुछ का हुआ ही नही है। सचिव भी हमारी बात को टाल देता है। आदिम जाति कल्याण विभाग करता हमारी तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है निवेदन है कि हम रहे गांव तहसील ग्राम के आदिवासी लोग का पट्टा वाली समस्या का हल करने की कृपा करें आदिवासी क्षेत्रों में जमीन का हम लोगों द्वारा पट्टा कई वर्षों से मांग रहे हैं यह 25 साल पुरानी बात है। पूर्वजों के समय की जमीन है न ही कोई नया अतिक्रमण किया है उम्मीद है कि हमारी स्थिति को देखते हुए यदि पोर्टल चालू नहीं होते हैं तो चालू करवाने की कृपा करे आपत्ति फार्म की जानकारी और कितने सर्वे हो गए हैं उसकी जानकारी एवं पट्टे की जानकारी उपलब्ध कराई जाए हम लोगों को ग्राम पंचायत सचिव एवं वन विभाग के कर्मचारियों के द्वारा झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है आवेदन पत्र को स्वीकार करते हुए किसान उसी की रही सर्वे कराकर आदिवासी लोगों को पट्टा दिया जाए ताकि शासन की योजना का लाभ मिल सके।

