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पहले प्याज काटने में आँसू आते थे, अब भाव सुनकर आँसू आते हैं,40रुपये किलो हुआ भाव

भोपाल। राजधानी में प्याज की कीमतें फिर से आसमान छूने लगी हैं। अच्छी गुणवत्ता का प्याज थोक में 30 तो फुटकर में 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। महज एक पखवाड़े में कीमतें दोगुनी हुई है। थोक कारोबारी आवक को भाव बढ़ने का कारण बता रहे हैं। उनकी मानें तो महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से भोपाल में प्याज की आवक होती है, पर बारिश से स्टॉक में रखा प्याज बड़ी मात्रा में सड़ गया। इससे प्रतिदिन औसत 100 टन तक होने वाली आवक 30 से 40 टन पर ही सिमटकर रह गई है। मांग एवं आपूर्ति में अंतर आने से भाव में भी उछाल आया है। बता दें कि मप्र के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में प्याज की अच्छी पैदावार होती है। पिछले साल प्याज के भाव 150 रुपये किलो तक पहुंच चुके थे। इस कारण क्षेत्र के कई किसानों ने स्टॉक जमा कर रखा है। प्याज महंगा होने की एक वजह यह भी है।

यह भाव :-

15 से 20 रुपये प्रति किलो छोटी साइज का प्याज

20 से 30 रुपये प्रति किलो मध्यम साइज का प्याज

35 से 40 रुपये किलो बड़ी व बेहतर क्वालिटी का प्याज

15 से 20 रुपये किलो 15 सितंबर के पहले मिल रहा था प्याज

शहर में मांग-खपत

100 टन की प्रतिदिन शहर व आसपास में खपत

40 टन आवक ही हो रही प्रतिदिन

50 से अधिक थोक व्यापारी करोंद मंडी में

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2500 से अधिक फुटकर दुकानें लगती हैं शहर में

इन दो वजहों से बढ़ी कीमत:-

– बारिश के कारण प्याज खराब हुई है। इससे आवक घट गई।

– पिछले साल प्याज के भाव 150 रुपये किलो तक पहुंचे थे। इसलिए अ;घिळर्-ऊि्‌झ।कांश किसानों ने प्याज गोदाम में सहेजकर रखा है।

मप्र में प्याज का उत्पादन:-

164667.18 हेक्टेयर क्षेत्र में पैदा होता है प्याज

4082901.06 टन उत्पादन

स्रोत – उद्यानिकी विभाग के अनुसार।

ये बड़े उत्पादक जिले:-
इंदौर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, उज्जौन, धार, खंडवा, छिंदवाड़ा, सीहोर, देवास, शिवपुरी, सतना, रीवा आदि बड़े उत्पादक जिले हैं। यहां से मप्र समेत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई किया जाता है। बांग्लादेश समेत अन्य विदेशों में भी प्याज पहुंचाया जाता है।

बारिश के कारण प्याज खराब हो गया। इस कारण आवक घट गई है। पहले 10 गाड़ी प्याज आ रहा था। अब तीन-चार गाड़ी प्याज की आवक है। इस कारण अच्छी क्वालिटी के प्याज के थोक भाव ही 30 रुपये किलो तक हैं।