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पौष पूर्णिमा 6 जनवरी: मां अम्बे की प्रतिमा का शाकम्बरी रुप में शाक-सब्जियों से होता श्रृृंगार

मकड़ाई समाचार रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सत्ती बाजार स्थित अम्बा देवी मंदिर में मां अम्बे की प्रतिमा का साल में एक बार सब्जियों से श्रृंगार किया जाता है। यह श्रृंगार हिंदू संवत्सर के पौष माह की पूर्णिमा तिथि पर किया जाता है। अंग्रेजी नववर्ष 2023 में पौष पूर्णिमा 6 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन सभी तरह की शाक-सब्जियों का भोग अर्पित करके श्रृंगार किया जाएगा।
अम्बा मंदिर के पुजारी के अनुसार श्रद्धालु कच्ची हरी सब्जियां माता को अर्पित करते हैं। इन्हीं सब्जियों से श्रृंगार करके दूसरे दिन प्रसाद के रूप में वितरित कर दिया जाता है।
अम्बा मंदिर के पुजारी पंडित पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार मंदिर में प्रतिष्ठापित प्रतिमा की पूरे साल मां अंबे के रूप में पूजा की जाती है, लेकिन पौष पूर्णिमा पर देवी प्रतिमा को शाकंभरी देवी के रूप में पूजा जाता है। लगभग 50 साल पहले 1970 में प्रतिमा का श्रृंगार सब्जियों से किया गया था। इसके बाद से यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है। एक दिन पहले ही श्रद्धालु मंदिर में सब्जियां लेकर आ जाते हैं। पौष पूर्णिमा पर सुबह सब्जियों से श्रृंगार किया जाता है। सुबह 8 बजे के बाद सब्जियों से किया गया श्रृंगार का दर्शन पट खोला जाता है। भक्तगण दिन में भी जैसे-जैसे सब्जियां अर्पित करते हैं, श्रृंगार का स्वरूप भी बदला जाता है।