मकड़ाई समाचार हंडिया। कृषि कानून के विरोध में किसान संगठनाें द्वारा किए गए भारत बंद के आह्वान का असर मंगलवार को मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी दिखाई नहीं दिया। बाजार राेजमर्रा की तरह खुले आैर ग्रामों से मुख्यालय पर दूध भी पहुंचा। किराने की दुकान सहित अन्य प्रतिष्ठान भी खुले रहें।
दरअसल दिल्ली में जारी किसान आंदाेलन के बीच किसान संगठनाें ने आठ दिसंबर काे भारत बंद का आह्वान किया था। हालांकि प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी तैयारियां भी की थी। लेकिन मंगलवार काे धार्मिक क्षेत्र हंडिया में कहीं भी बंद का काेई असर दिखाई नहीं दिया। सुबह निर्धारित समय से किराना आैर अन्य प्रतिष्ठान खुले रहे।
हर रोज की तरह सुबह होते ही हंडिया में दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोली। कुछ दुकानदारों का कहना है कि बंद से कुछ हासिल होने वाला नहीं है, उल्टा लोगों के धंधे पर मार पड़ेगी। लंबे समय से चली आ रही कोरोना महामारी के कारण पहले ही लोगों के धंधे चौपट हो गए हैं। अब आए दिन की हड़ताल और बंद के कारण रोज कमाने खाने वालों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जायज मांगों के लिए वह किसानों का समर्थन करेंगे, लेकिन दुकान खुली रहेंगी।
पुलिस रही अलर्ट
भारत बंद के आह्वान के चलते पुलिस पूरी तरह से अलर्ट माेड पर रही। ताकि यदि काेई जाेर जबर्दस्ती से दुकान बंद कराने का प्रयास करे ताे कार्रवाई की जा सके। हालांकि कहीं से काेई हंगामे की खबर नहीं आई थी। इधर प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहा।

