सुनील पटल्या बेड़िया। हरतालिका तीज व्रत में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश भगवान की पूजा की जाती है। विवाहित स्त्रियां इस व्रत को पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना से रखती हैं तो वहीं अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए। हरतालिका तीज व्रत पूजन में कथा सुनना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यता है हरतालिका व्रत कथा स्वयं भगवान शिव ने ही मां पार्वती को सुनाई थी। स्त्रियां शिव पार्वती की विधि से पूजन कर कथा सुनकर जल ग्रहण करती है और रात्रि में जागरण व भजन कर प्रातः शिवलिंग का विसर्जन कर पारण भोजन करती है । ब्राह्मणी पुष्पलता बाई खेडे द्वारा बताया गया कि गुरुवार को हरतालिका के व्रत में बालू की रेती का लिंग बनाकर पूजन अनेक फूल पत्ती बिल्वपत्र चढ़ाकर करना चाहिए ताकि भगवान शिव सबका कल्याण करें ।
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