हरदा : कमताड़ी का जानी परिवार कर रहा धोखाधड़ी, तीन पीड़ित किसानो ने जिला कलेक्टर से लगाई गुहार, जिससे जमीन खरीदी अब वो खुद जबरन कर रहा कब्जा
हरदा : शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में तीन किसानो ने लिखित शिकायत आवेदन देते हुए कहा की एक किसान से वर्ष 2018 19 में हमने जमीन खरीदी थी। लेकिन अब वो किसान हमसे हमारी जमीन पर राजस्व के अधिकारियों की मिलीभगत से जबरन कब्जा कर रहा है।
पीड़ित किसानो का आरोप जिस जमीन मालिक से 5 साल पहले हमने हमारी खून पसीने की कमाई का लाखो रुपया देकर जमीन खरीदी मौके का सीमांकन हुआ। जमीन हमे कब्जे में दी गई।
अब हमारी उसी जमीन से किसान द्वारा जबरन अवैध कब्जे का हवाले देते हुए हमसे हमारी जमीन छीनी जा रही वो भी राजस्व और पुलिस प्रशासन की साठगांठ से। हमे इंसाफ दिलवा दीजिए साहब हमारे साथ अन्याय हुआ है।
दरअसल यह पूरा मामला हरदा जिले के ग्राम कमताडी का है। जो की खिरकिया तहसील में आता है। कमताड़ी के किसान जानी परिवार से वर्ष 2018, 19 में तीन खिरकिया हरदा और ग्राम कमताड़ा के अलग अलग किसानो ने जमीन खरीदी थी।
जमीन खरीदने के बाद संयुक्त जानी परिवार के द्वारा रजिस्ट्री करवाकर लाखो रुपए जमीन के ले लिए गए। मौके पर राजस्व विभाग द्वारा जमीन का सीमांकन करवाकर खरीदी करने वाले तीनो किसानो को कब्जा दे दिया गया। किसानो के द्वारा विधिवत बताई गई। जमीन के नक्शे के आधार पर जमीन की बाउंड्री पर नाली बनाकर सभी ने अपनी जमीन पर कब्जे में लेकर पिछले 5 वर्षो से खेती करते आ रहे है। किसानो के द्वारा जानी परिवार से खरीदी गई। जमीन पर किसानो ने बिजली ट्रांसफार्मर , ट्यूबवेल करवाया।
लेकिन अचानक 5 साल बाद जानी परिवार की बेटी प्रेक्षा शर्मा के द्वारा जमीन सीमांकन का आवेदन दिया गया। मौके पर अधिकारियों ने उक्त आवेदन पर इतनी जल्दी एक्शन लिया की किसानो को बोई हुई फसल पर प्रेक्षा शर्मा जानी परिवार को कब्जा दिलवा दिया गया।
पीड़ित किसान अधिकारियों के आगे गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन उनकी एक भी नही सुनी गई। हालाकि हम आपको बता दे की जिले में हजारों सीमांकन के केस आज भी लंबित होगे। सूत्रों की माने तो इस मामले में प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी क्यों की आखिर किसका दबाव था। या फिर अधिकारियों की साठगांठ व बड़ी राशि का लेन देन इस मामले में हुआ। इतना ही नहीं भारी बारिश होने के बाद किसानो के खेतो में खंबे गाड़ दिए गए। किसान की खड़ी फसल पर कब्जा करवा दिया गया।
वही एक बड़ा सवाल यह भी उठता है की एक किसान का तो सीमांकन का आवेदन लगा हुआ था। किसानो का कहना है की हम तीनो किसानो ने जानी परिवार से ही जमीन खरीदी मौके पर जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर हमे हमारी जमीन का सीमांकन करवा कर दे दिया जाए। अभी हमारी जमीन कम है। तीनो पीड़ित किसानो ने डीएम को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। देखना यह होगा की किसानो को कब तक न्याय मिलेगा। वही किसानो की बोई हुई फसलों का जो नुकसान पहुंचाया गया। है। उसकी भरपाई कोन करेगा। वही तीनो किसानो ने बताया की हमे जानी परिवार से जान माल का खतरा है। ये जब जबरन कब्जा कर सकता है तो ये हमे झूठे केस में भी फंसा सकता है। पीड़ित किसानो ने जब जानी परिवार से ही जमीन खरीदी तो फिर ज्यादा जमीन का तो सवाल ही नही उठता है। और अब हमारी जमीन कम कर दी गई। इसका मतलब जानी परिवार ने मौके पर रजिस्ट्री के आधार पर हमे जमीन ही नही दी। तीनो किसानो ने निष्पक्ष जांच करवा कर एक ही बात कही की जानी परिवार पहले हमारी जमीन जो रजिस्ट्री में लिखवाई गई है। वो जमीन दे दे। उसका विधिबत सीमांकन करवा कर दे। ये मांग किसानो के द्वारा जिला कलेक्टर ऋषि गर्ग से की गई है। देखना यह होगा की क्या किसानो को समय पर न्याय मिलता है या नही।
क्या है शिकायत आवेदन
प्रति,
श्रीमान कलेक्टर महोदयविषय:- आवेदकगण के मालिकी एवं आधिपत्य की कृषि भूमि पर जबरदस्ती बिना सूचना कब्जा दिलाये जाने बावत।
आवेदकगणः- 1. श्रीमति आरती पत्नि सोमनाथ विश्नोई निवासी मेन रोड खिरकिया
2. मेहराज अली पिता सैयद अली निवासी बाहेती कालोनी हरदा
3. श्रीमति ज्योति पत्नि महेन्द्र सिंह राजपूत निवासी ग्राम कमताड़ा तहसील हरदा जिला हरदा
महोदयजी,
उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि आवेदकगण द्वारा ग्राम कमताडी में कृषि भूमि जो कि प्रेक्षा पुत्री मुकेश जानी पति अमित शर्मा व्यवसाय नौकरी निवासी ग्राम कमताडी तहसील खिरकिया जिला हरदा हाल निवासी मुंबई से क्रमशः 10 एकड़ भूमि, मेहराज अली द्वारा 17 एकड़, एवं ज्योति राजपूत के द्वारा 10.00 एकड़ जमीन बहूमुल्य राशि प्रदान कर प्रेक्षा एवं उसके परिवार एवं पिता वालों से क्रय की है और भूमि विक्रय दिनांक से ही विधिवत सीमांकन के पश्चात कब्जा प्राप्त किया गया है। जो जमीन विकय पत्र में उल्लेख किया गया है वही रकबा आवेदकगण के पास मौके पर स्थित है। इसके पश्चात भी प्रेक्षा एवं उसके परिवार वालों के मन में खोट आने से पटवारी एवं आर आई के साथ मिलीभगत कर भूमि का सीमांकन कराया गया और बिना हक अधिकार के एवं विधि विरुद्ध आवेदकगणों की जमीन में अतिक्रमण करना बताया गया। सीमांकन के तहत प्रेक्षा द्वारा तहसीलदार महोदय खिरकिया के समक्ष धारा 250 का प्रकरण प्रस्तुत किया गया जिसमें दिनांक 30/06/2023 को आदेश पारित करते हुये आलोच्य आदेश पारित किया गया। उस आलोच्य आदेश के विरुद्ध आवेदकगण के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी खिरकिया के समक्ष तहसीलदार महोदय के आदेश दिनांक 30/06/2023 के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की गई जो अभी लंबित है। अपील की लंबित अवस्था में प्रेक्षा एवं उसके परिवार वालों ने राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलकर एवं राजनैतिक दबाब से विधि विरुद्ध कब्जा छुडाने हेतु कार्यवाही खडी हुई फसल में की गई। जबकि आवेदकगण द्वारा अनुविभागीय अधिकारी महोदय खिरकिया के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई और अपील का निराकरण नहीं हो पाया इसके पहले की कब्जे की कार्यवाही राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी की मिलीभगत से करवायी गई जो उचित नही है। इस संबंध में विधिवत जांच की जाकर उचित कार्यवाही की जाना आवश्यक है।
अतः श्रीमान से प्रार्थना है कि, आवेदकगण की शिकायत पर से अनावेदकगण के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने की कृपा करें।
आवेदकगण
आरती बिश्नोई
महेंद्र सिंह राजपूत
मेहराज अली
दिनांक :-21/07/2023
प्रतिलिपिः-
1. श्रीमान कमिश्नर महोदय राजस्व विभाग नर्मदापुरम
2. श्रीमान अपर आयुक्त महोदय नर्मदापुरम
3. गृह मंत्रालय भोपाल मध्यप्रदेश शासन