jhankar
ब्रेकिंग
जेल रोड पर खुले गड्ढे बने जानलेवा, सोमवार को घुटने भर पानी में छिपा गड्ढा , व्यापारियों ने जताई हादस... मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीयन 25 जुलाई 2026 तक,विद्यार्थियों को जानने को मिलेगी ... दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का तीसरा चरण 13 जुलाई से चेक बाउंस के प्रकरणों निराकरण हेतु 18 जुलाई और 21 नवंबर को होगी विशेष लोक अदालत जल मग्न होने वाली पुलियाओं पर बेरिकेड एवं सुरक्षा इंतजाम रखे जाएं - कलेक्टर कोर्ट के फैसले पर भड़काऊ पोस्ट करना पड़ा भारी पुलिस ने 2 आरोपी दबोचे  हरदा : भारतीय किसान संघ का मूंग खरीदी को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी रहा जारी। Harda mp: 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; आंदोलन की द... 6 जुलाई 2026 सोमवार को मप्र की खास खबरें मकडा़ई एक्सप्रेस 24 के साथ (*MakdaiExpress24 MP TOP 20*) 6 जुलाई 2026, सोमवार को देश-दुनिया की 20 खास खबरें मकडा़ई एक्सप्रेस 24 के साथ (Makdaiexpress24 NEWS-...

Delhi News: मंगलवार को संसद मे सभापति धनखड़ और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई तीखी बहस पढ़े पूरी खबर

दिल्ली : संसद मे नेताओं की बहस होती ही मगर अब सभापति से बहस हो बात गम्भीर है।मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने सरकार पर जनता को लूटने और अपने मित्रों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। इस पर धनखड़ ने कहा कि वह जो भी कह रहे हैं उसका कोई प्रमाण है। वह कोई जवाब देते इससे पहले जयराम रमेश ने खड़े होकर सभापति को इसके लिए टोका।
इस पर सभापति ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि मुझे लगता है कि जयराम ज्यादा बुद्धिमान और ऊर्जावान है। उनका शीर्ष नेतृत्व यहां मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें खरगे जी की जगह ले लेनी चाहिए।इतना सुनकर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे अपनी सीट से उठे और कहा कि आप मुझे कहना चाह रहे हैं। मैं कमजोर हूं, थका हुआ हूं। किसी को नीचा दिखाने के लिए ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं है।

- Install Android App -

तीखे तेवर के बीच सदन –

इसके बाद रुके नही और बोलते गये। खरगे और कहा कि मैं जहां हूं, वह न तो मुझे जयराम रमेश बना सकते हैं और न ही आप। मुझे बनाने वाली यहां बैठी हैं, वह सोनिया गांधी हैं। सोनिया गांधी बगल वाली सीट पर ही बैठी थीं। इस पर सभापति ने कहा कि मैं आपका इतना आदर करता हूं, लेकिन आप उसका एक प्रतिशत भी नहीं करते। मैंने कई मौकों पर आपकी प्रतिष्ठा को बचाने का काम किया है।