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मध्य प्रदेश में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित, किसानों के लिए राहत की खबर MP NEWS

MP News: भारत सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है। यह पिछले साल के मुकाबले 150 रुपये अधिक है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश के किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि वे इस बढ़ी हुई एमएसपी का लाभ उठाएं और ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की बुवाई करें ताकि अपनी मेहनत का उचित मूल्य पा सकें।

गेहूं उपार्जन के लिए आधुनिक तकनीकी का उपयोग

इस वर्ष गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए प्रदेश में मैकेनाइज्ड क्लीनिंग (स्वचालित सफाई) की विशेष व्यवस्था की जा रही है। इससे उपार्जन केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी फसल का गुणवत्ता नियंत्रण आसानी से हो सकेगा। इसके अलावा, सरकार ने बारदाना, भंडारण और परिवहन की पुख्ता व्यवस्था भी प्रारंभ कर दी है। किसानों को गेहूं बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए एफएक्यू (FAU) मानकों के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता जांच करने के लिए सर्वेयरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

प्रदेश में 3694 उपार्जन केंद्र होंगे स्थापित

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस साल प्रदेश में कुल 3694 उपार्जन केंद्र बनाए जाएंगे, जहां किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इन केंद्रों में से 2199 केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए जाएंगे ताकि उपार्जित गेहूं का परिवहन और हैंडलिंग में आसानी हो। इसके अलावा 1495 उपार्जन केंद्र समितियों के स्तर पर संचालित होंगे, जिससे किसानों को निकटतम स्थान पर अपनी फसल बेचने की सुविधा मिलेगी।

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किसानों के खातों में सीधे भुगतान की व्यवस्था

प्रदेश सरकार ने किसानों के सीधे लाभ को सुनिश्चित करने के लिए उनके आधार से लिंक बैंक खातों में एमएसपी का भुगतान करने की व्यवस्था की है। यह कदम किसानों को समय पर और बिना किसी बाधा के भुगतान दिलाने में मददगार साबित होगा। पिछले साल की तरह ही इस बार भी सरकार किसानों की सहूलियत का पूरा ध्यान रख रही है ताकि उन्हें उपज का उचित मूल्य आसानी से मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में किसानों के लिए गेहूं की नई एमएसपी का ऐलान एक सकारात्मक कदम है जो कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करेगा।

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