jhankar
ब्रेकिंग
जेल रोड पर खुले गड्ढे बने जानलेवा, सोमवार को घुटने भर पानी में छिपा गड्ढा , व्यापारियों ने जताई हादस... मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीयन 25 जुलाई 2026 तक,विद्यार्थियों को जानने को मिलेगी ... दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का तीसरा चरण 13 जुलाई से चेक बाउंस के प्रकरणों निराकरण हेतु 18 जुलाई और 21 नवंबर को होगी विशेष लोक अदालत जल मग्न होने वाली पुलियाओं पर बेरिकेड एवं सुरक्षा इंतजाम रखे जाएं - कलेक्टर कोर्ट के फैसले पर भड़काऊ पोस्ट करना पड़ा भारी पुलिस ने 2 आरोपी दबोचे  हरदा : भारतीय किसान संघ का मूंग खरीदी को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी रहा जारी। Harda mp: 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; आंदोलन की द... 6 जुलाई 2026 सोमवार को मप्र की खास खबरें मकडा़ई एक्सप्रेस 24 के साथ (*MakdaiExpress24 MP TOP 20*) 6 जुलाई 2026, सोमवार को देश-दुनिया की 20 खास खबरें मकडा़ई एक्सप्रेस 24 के साथ (Makdaiexpress24 NEWS-...

बालागांव – हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की, विमान में सवार होकर निकले श्री कृष्ण, ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

मदन गौर

हरदा// भादो मास की शुक्ल पक्ष की नवमी पर भक्तिभाव से गांव बालागाँव के दोनो मंदिरों पुराना राम मंदिर और नऐ राम मंदिर सें सोमवार को धूमधाम के साथ विमान डोल निकाले गए। विमान के साथ चल रहे श्रद्धालु जयघोष करते हुए कह रहे थे। जय कन्हैयालाल की हाथी घोड़ा पालकी, नगर भ्रमण के बाद के उपरांत भगवान के डोल वापस मंदिरों में पहुंचे। गली में जयघोष हो रहे थे।

पर्व के मौके पर ग्राम के दोनो मंदिर के विमान साथ मै चलित झांकी के रूप पूरे ग्राम बालागांव की गलियों में निकाले गए। विमान के साथ मंदिर के पुजारियों, द्धालुओं में उत्साह बना रहे थे।

ग्राम के हर चौक-चौराहों पर हुई पूजा अर्चना

- Install Android App -

ग्राम भ्रमण पर निकले माता यशोदा एवं उनके पुत्र कन्हैया की जगह जगह पूजा अर्चना हुई। ग्राम के श्रद्धालु ग्रामवासियों ने विमान के समक्ष आकर पूजा अर्चना की। इसी तरह ग्राम के ग्रामवासियों ने भी अपने घर के सामने से निकल रहे विमान में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण एवं माता यशोदा के दर्शन कर आरती उतारी।

 

पुष्प वर्षा से स्वागत

मंदिरों से निकलकर मुख्य मार्गों पर आए विमानों पर ग्राम बाला गांव के चौक चोराहों पर कई श्रद्धालुओं ने पुष्प एवं पुष्प की पंखुड़ियों की वर्षा कर भगवान आनंद कंद मुरली मुकुंद के जयकारे लगाए। ट्रैक्टर ट्राली में रखकर विमान जा रहे थे। पूर्व में कंधे पर लेकर श्रद्धालु विमान निकालते थे गिने चुने विमान ही कंधे पर निकलते हैं। नंदकिशोर पटेल रघुवीर गौर ने बताया कि विमान के नीचे से निकलना शुभ होता है। विमान निकलने के दौरान कई लोगों ने विमान में विराजित भगवान को केले तथा ककड़ी अर्पित किया।

द्वापर युग से जारी परंपराआज तक चली आ रही है

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार माता यशोदा एकादशी के अवसर पर घाट पूजने के लिए राजमहल से विमान से जा रही थी, तभी नन्हा कान्हा रुदन करने लगे। मैया यशोदा ने समझा कन्हैया चलने की जिद कर रहा हैं, तो उन्हें विमान पर सवार कर नगर भ्रमण करते हुए घाट पूजने गई तभी से विमान जिन्हें डोल या डोला भी कहा जाता है। निकलने लगे द्वापर युग से लेकर यह परंपरा निरंतर जारी है। डोल निकलने के कारण ही तिथि का नाम डोल ग्यारस भी कहा जाता है।