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हरदा: ध्रुव चरित्र से सीखें दृढ़ निश्चय और भक्ति का महत्वः पं. उपाध्याय

हरदा। नगर के खेड़ीपुरा स्थित भगवा चौक पर श्री खेड़ापति परिवार के तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस कथा प्रवक्ता पंडित विद्याधर उपाध्याय ने कहा कि जीवन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम अच्छे कर्मों का चयन करते हैं या बुरे कर्मों का।

 

उन्होंने बताया कि हिन्दू धर्म में सृष्टि, स्थिति और संहार का संचालन त्रिमूर्ति—ब्रह्मा, विष्णु और महेश द्वारा किया जाता है। ऋग्वेद में सृष्टि की उत्पत्ति का उल्लेख ‘हिरण्यगर्भ सिद्धांत’ और ‘पुरुष सूक्त’ के रूप में मिलता है। धर्म के अनुसार सृष्टि एक चक्रीय प्रक्रिया है, जिसमें सत्य, त्रेता, द्वापर और कलियुग का निरंतर चक्र चलता रहता है।

 

कथा के यजमान श्रीमती रक्षा मुन्ना लाल धनगर पार्षद, देवेंद्र भामदरे और संजय भावसार द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा व्यास का स्वागत किया गया।

 

पंडित उपाध्याय ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है। जैसे अंधकार मिटाने के लिए दीपक आवश्यक है, वैसे ही जीवन में सत्य का मार्ग दिखाने के लिए सद्गुरु आवश्यक हैं। गुरु ही शिष्य को ज्ञान, भक्ति और मोक्ष का पथ दिखाते हैं।

 

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राजा उत्तानपाद की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी दो पत्नियाँ—सुनीति और सुरुचि—जीवन के दो मार्गों का प्रतीक हैं। सुनीति बुद्धिमानी और सत्कर्म की ओर प्रेरित करती है, जबकि सुरुचि अहंकार और कुकर्म की ओर ले जाती है। मनुष्य की सफलता इस पर निर्भर करती है कि वह किस मार्ग का चयन करता है।

 

ध्रुव चरित्र का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पंडित जी ने कहा कि बालक ध्रुव ने अपमानित होने पर अपनी माता की प्रेरणा से कठोर तप किया और भगवान विष्णु को प्रसन्न कर ध्रुव तारे के रूप में अमरत्व प्राप्त किया। उनकी कथा हमें सिखाती है कि दृढ़ निश्चय और सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो जाता है।

 

भगवान शिव और माता सती-पार्वती के विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रेम, त्याग और संकल्प का प्रतीक है। सती के आत्मदाह के बाद पार्वती ने कठोर तपस्या कर शिव को पति रूप में प्राप्त किया। यह प्रसंग दर्शाता है कि सच्चा प्रेम हर बाधा को पार कर जीवन को पूर्णता प्रदान करता है।

 

कथा श्रवण हेतु प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं। आयोजक मंडल ने नगर की धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि वे श्राद्ध पक्ष में आयोजित इस सात दिवसीय कथा में सम्मिलित होकर भागवत लाभ प्राप्त करें। कथा का वाचन हरदा (नयापुरा) के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पं. विद्याधर उपाध्याय द्वारा प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक

किया जा रहा है।