जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मछली परिवार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने मछली परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के बैंक खाते डिफ्रीज करने के लिए कहा है। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है, इसलिए उनके खाते फ्रीज नहीं किए जा सकते हैं। इसके साथ ही HC ने पुलिस से कहा कि वे कार्रवाई के लिए स्वतंत्र यदि उन्हें याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सबूत या सामग्री मिलती है।
न्यायालय ने कलेक्टर और DCP से मांगा था जवाब
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मछली परिवार के सदस्यों की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने 26 सितंबर को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और क्राइम ब्रांच के DCP अखिल पटेल को जवाब देने के लिए बुलाया गया था। दोनों अधिकारियों ने कोर्ट में उपस्थित होकर इस बात को स्वीकार किया था कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है। इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं के बैंक खातों से बड़ी संख्या में पैसे ट्रांसफर हुआ है, जिसके बारे में जांच चल रही है।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को डिफ्रीज करने का आदेश जारी किया है। HC ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता रिजर्व बैंक इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार पैसे निकाल सकेंगे।
मछली परिवार की ओर से लगाई याचिका
मछली परिवार से जुड़े लोगों ने याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें निशाना बनाया गया है और कार्रवाई की जा रही है। जिला और पुलिस प्रशासन ने उन्हें निशाना बनाते हुए उनके घर को धवस्त किया, जबकि सरकारी जमीन पर मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

