अलीगढ़ में ‘लुटेरी दुल्हनों’ का गिरोह बेनकाब ! करवाचौथ की रात उजड़े 12 घर, 30 लाख का गहना-नकदी लेकर फरार
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 उत्तर प्रदेश। प्रदेश के अलीगढ़ जिले में करवाचौथ की रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस रात जहां पूरे देश में पत्नियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, वहीं अलीगढ़ के एक गांव में खुशियों पर मातम छा गया। यहां बारह नई दुल्हनों ने करवाचौथ का व्रत रखने के बाद अपने-अपने घरवालों को नशीला खाना खिलाया और लाखों की नकदी व गहने लेकर फरार हो गईं।
करवाचौथ के बाद पलटी कहानी
घटना सासनी गेट थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, इन दुल्हनों ने शादी के कुछ ही दिनों में परिवार का भरोसा जीत लिया था। वे सास-ससुर के साथ पूजा-पाठ करतीं, घर के काम में हाथ बटातीं और गांव की बहुओं की तरह व्यवहार करतीं। करवाचौथ के दिन भी सब कुछ सामान्य लग रहा था।
दुल्हन की सजधज, मेहंदी और चांद का दीदार। लेकिन रात के भोजन में उन्होंने नशीला पदार्थ मिला दिया। परिवार जैसे ही बेहोश हुआ, वे गहनों और नकदी के साथ फरार हो गईं।
तीस लाख से अधिक का नुकसान
अगली सुबह जब घरवालों को होश आया, तो सभी दुल्हनें गायब थीं। अलमारियां खुली हुईं और लॉकर खाली पड़े थे। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने करीब 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। इसमें सोना, चांदी, नकदी और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि शादी को अभी दस दिन भी नहीं हुए थे।
दलालों का नेटवर्क सक्रिय
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन शादियों के पीछे कुछ एजेंट या दलाल थे, जिन्होंने बिहार और झारखंड से युवतियों को लाकर इनकी शादियाँ करवाई थीं। प्रति रिश्ता 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक वसूले गए। इन एजेंटों ने गरीब परिवारों को भरोसा दिलाया था कि वे ‘अच्छे घरों में बसाने’ का काम कर रहे हैं। लेकिन अब सभी एजेंट लापता हैं, उनके मोबाइल बंद हैं।
पुलिस की जांच में जुटी कई टीमें
सासनी गेट थाना पुलिस ने अब तक चार मुकदमे दर्ज किए हैं। एएसपी मयंक पाठक ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में सक्रिय है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं और स्थानीय एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है। फरार महिलाओं की असली पहचान और तस्वीरें जुटाई जा रही हैं।
पुलिस को शक है कि यह गैंग पहले भी अन्य जिलो हाथरस, बदायूं और बुलंदशहर में सक्रिय रह चुका है। यह गिरोह ऐसे इलाकों को निशाना बनाता है जहां शादी के लिए लड़कियों की कमी होती है। वे पहले भरोसा जीतते हैं और फिर मौका देखकर सबकुछ लेकर फरार हो जाते हैं।गांव के 12 घरों में करवाचौथ की रात जो उत्सव मनाया जा रहा था, अब वह दर्द और शर्मिंदगी की याद बन चुका है।

