उज्जैन। सिंधिया राजघराने की कोठी (कोठी महल) को मध्य प्रदेश सरकार कुंभ एक्सपीरियंस सेंटर बनाने की तैयारी में है। इससे शहर के कोठी रोड स्थित इस समृद्ध विरासत को विश्व स्तरीय पहचान भी मिल सकेगी. सिंधिया राजघराने की 100 सालों से ज्यादा पुरानी कोठी अब सिंहस्थ का एक्सपीरियंस सेंटर बनेगी। इसमें कुंभ का ज्योतिष, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व दिखेगा। उदाहरण के लिए समुद्र मंथन, नीलकंठ की कथा, चित्रण, नागा साधु और अखाड़ों की परंपरा, क्षीप्रा स्नान, तीर्थ के महत्व व अन्य तमाम जानकारी रहेगी।
दो चरणों में किया जाएगा कार्य
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, स्मार्ट सिटी सीओ संदीप शिवा और उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्य 2 चरणों में किया जाएगा। इस कार्य में वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम व इतिहास के नायकों की वीर गाथाएं शामिल होंगी। इसका डिजाइन आधुनिकता और भारतीय परंपरा का संतुलन दर्शाएगी. इसके बनने के बाद ही इसके खुलने का समय वह अन्य विषय तय किए जाएंगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 18 महीने में पूरा होगा काम
उज्जैन शहर के कोठी रोड पर पहले प्रशासनिक कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन अब इसको रिनोवेट करके पर्यटकों के लिए तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में वीर भारत संग्रहालय का रिनोवेशन करना है। इसे गुजरात की एक निजी कंपनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के माध्यम से 18 महीनों में बनाकर तैयार करेगी। इस कार्य के पूरा होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को उज्जैन में मंदिरों के दर्शन के साथ-साथ वीर भारत संग्रहालय में इतिहास के नायकों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
इसमें पर्यटक भारत का परिचय गैलरी, 6 इमर्सिव एक्सपीरियंस गैलरी, 5 डिजिटल गैलरी, थिमैटिक पैनल गैलरी, फिजिकल कनेक्टिविटी कॉरिडोर, बच्चों के लिए इंटरेक्टिव लर्निंग जोन, फोटो गैलरी, स्वतंत्रता सेनानियों के लिए थीम डिजाइन, कैफेटेरिया, एमईपी कार्य, ऑटोमेशन सिस्टम, ए-आर, वी-आर अनुभव, इंटरेक्टिव और डिजिटल स्क्रीन, सांस्कृतिक क्षेत्रों का विकास, डिजिटल टूर, संग्रहालय का प्रबंधन और रखरखाव जैसे कार्य किए जाएगे।

