➡️✍️✍️ के के यदुवंशी, पत्रकार
सिवनी मालवा। शासन द्वारा लोक अदालत का आयोजन लोक हित मे करके समाज मे फैली वेमनस्य्ता को दूर करके लोगो के मनमुटाव को समाप्त कर आपसी भाईचारा स्थापित करना है। उक्त बात जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान ने न्यायालय परिसर मे साल की अंतिम आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर कही न्यायाधीश ने कहा कि जब तक किसी भी प्रकरण का न्यायालय में निराकरण नही होता है
तब तक प्रकरण समाप्त नही हो पाता है। इसीलिए लोक अदालत में समझौता उपरांत पक्षकारो की सहमति से प्रकरणो का निराकरण किया जाता है। लोक अदालत में निराकृत प्रकरणो की अपील नही होती है। चेक बाउंस के मामलो में समझौता उपरान्त पक्षकार द्वारा जमा किया गया न्याय शुल्क उसे वापस मिल जाता है।
राशी अदायगी वाले प्रकरणो में पक्षकारो को ब्याज की राशि में उनकी सहमति से छूट प्राप्त हो जाती है। लोक अदालत के लिए सभी अधिवक्ता गणो नगर पालिका आदि ने बहुत प्रचार किया है। इसी का परिणाम रहता है कि लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणो का निराकरण होता है।
उन्होंने कहा कि प्रीलिटिगेशन के मामलो मे संस्थाए राजीनामा कर प्रकरणो का निराकरण करे। कार्यक्रम को न्यायाधीश सरोज डेहरिया, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा, विकास पाठक ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं महात्मा गांधी के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर और फूलमाला अर्पित कर न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान, सरोज डेहरिया, अंजली अग्रवाल, राजेश मिश्रा ने किया।
10 साल से चल रहे जीजा साले के विवाद मे समझौता हुआ_____ न्यायालय मे पिछले 10 साल से जीजा साले के मध्य चल रहे चेक विवाद मे अपने अधिवक्ता अजीत राजपूत एवं विनय सिम्पी द्वारा दी गयी समझाइस के बाद आपस मे राजीनामा किया। जिला एवं सत्र न्यायालय मे समझौता उपरान्त प्रकरण का निराकरण किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती खान के न्यायालय मे दोनो ने एक दूसरे को फुल माला पहनाकर अपने गिले शिकवे भुला दिये।
वही न्यायाधीश श्री मती खान ने दोनो को पौधा देकर उसके पोषण के लिए कहा। इसी तरह वर्षो से अलग रह रहे पति पत्नी के विवाद मे आपसी समझौता उपरांत प्रकरण का निराकरण कर समाप्त किया और पौधा देकर उसके पोषण का कहा। दोनो एक बार फिर एक दूसरे को फुल माला पहनाकर फिर से एक हो गये।
न्यायालय में 79 प्रकरणो का हुआ निपटारा______
न्यायालय में 79 प्रकरणो का निपटारा पक्षकारो के मध्य आपसी समझौता के बाद किया गया। जिला एवं और सत्र न्यायाधीश श्रीमती तबस्सुम खान न्यायाधीश सरोज डेहरिया और न्यायाधीश अंजली अग्रवाल के न्यायालय में
वैवाहिक, आपराधिक, सिविल, मोटर दावा, चेक बाऊन्स के प्रकरणो का निपटारा किया गया। जिसमे तीनो न्यायालयों मे कुल 80 लाख 85 हजार 2 सो 49 रुपये का आदान प्रदान हुआ।
अनुविभागीय अधिकारी न्यायालय मे 63 एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार न्यायालय मे 79 प्रकरणो मे समझौता उपरांत निराकरण किया गया। नगर पालिका मे 60 प्री लिटीगेशन के प्रकरणो का निपटारा किया गया। जिससे 2 लाख 13 हजार 157 रुपये की राशि प्राप्त हुई

