छतरपुर। बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंच गए। इसके साथ ही भक्तों ने छतरपुर और खजुराहो के होटलों व धर्मशालाओं में डेरा डाल लिया है। ये भक्त नए साल की शुरुआत बागेश्वर धाम में हनुमानजी महाराज के दर्शन करके करेंगे। बागेश्वर धाम में भक्तों की भीड़ को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
नए साल का स्वागत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ
नए साल के अंतिम दिन भक्तों को संबोधित करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा “जानकारी मिली है कि लाखों भक्त खजुराहो व छतरपुर के अलावा बागेश्वर धाम में पहुंच गए हैं। बागेश्वर धाम में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करके नए साल का स्वागत करेंगे। युवाओं में ये बड़ा बदलाव देखा जा रहा है कि लोग नए साल का शुभारंभ धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कर रहे हैं।”
सनातन धर्म के प्रति जागरूक हुए युवा
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा “एक समय था जब युवा नए साल का स्वागत करने के लिए पबों, बारों और महंगे होटलों में जश्न मनाने पहुंचते थे। लेकिन अब युवा अयोध्या में रामलला के दर्शन करके, वाराणसी जाकर और बागेश्वर धाम आकर नए साल का आगाज कर रहे हैं। ये बताता है कि युवा भी सनातन धर्म के प्रति कितने जागरूक हो गए हैं। युवा पीढ़ी में आया ये बदलाव देश और समाज के हित में है।”
बागेश्वर धाम की रसोई में खास इंतजाम
बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। निःशुक्ल रसोई में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन ने भी यहां खास इंतजाम किए हैं। यहां पिछले एक साल में करीब 50 लाख लोगों ने भोजन प्रसाद पाया है। रसोई अनवरत चालू रहती है। इसके अलावा एक वर्ष में धाम की गौशाला में 5 हजार पौधे रोपे गए हैं। शिवरात्रि के पावन पर्व पर 108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया।

