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मध्य प्रदेश में स्‍लीपर बसों की होगी जांच, RTO देगा रिपोर्ट, परिवहन विभाग ने जारी किए नए नियम

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्लीपर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब स्लीपर बसों में ड्राइवर के केबिन में लगी पार्टिशन डोर हटाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी स्लीपर बसों में एक माह के भीतर फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम लगाना भी जरूरी कर दिया गया है।

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आयुक्‍त ने सभी स्‍लीपर बसों की जांच के दिए निर्देश
परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश में संचालित सभी स्लीपर बसों की जांच के निर्देश दिए हैं। उप परिवहन आयुक्त (शिकायत) किरण कुमार शर्मा ने सभी आरटीओ को विशेष अभियान चलाकर बसों की सघन जांच करने को कहा है। सभी आरटीओ को एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी, ताकि नियमों के पालन की समीक्षा की जा सके।

परिवहन विभाग ने जारी किए नए नियम
नए निर्देशों के तहत स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर तत्काल हटाए जाएंगे। प्रत्येक बस में कम से कम 10 किलो क्षमता का फायर एक्सटिंगिवीशर रखना अनिवार्य होगा, जबकि चेसिस में एक्सटेंशन कर बनाई गई बस बॉडी को तुरंत संचालन से बाहर किया जाएगा। इसके अलावा पंजीयन के समय बस का पूरा लेआउट ड्राइंग देना भी अब अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग का कहना है कि इन नियमों से स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।