jhankar
ब्रेकिंग
माहेश्वरी समाज के चुनाव संपन्न : पुरुषोत्तम सारडा अध्यक्ष और विनीत राठी बने मीडिया प्रभारी MP Board Result 2026: लड़कियों ने मारी 'हैट्रिक', लड़कों को पछाड़कर मेरिट लिस्ट में किया दबदबा हंडिया : अंबेडकर जयंती पर युवाओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम गोंदागांव कलां में वनवासी कृषि एवं ग्रामीण मजदूर संघ(सम्बन्ध_भारतीय मजदूर संघ)जिला हरदा द्वारा भारत ... महाकाल भस्म आरती के नियम बदले, अब ऑफलाइन परमिशन खत्म-सिर्फ ऑनलाइन एंट्री इंदौर में बनेगी 30 मंजिला ऊंची बिल्डिंग, शॉपिंग मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और स्टार्टअप पार्क की सुविधा मंदसौर की महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन के तहत महानगरों में बिखेरी मिठास पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश, 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई कल मुख्यमंत्री मोहन यादव आयेंगे सिवनी मालवा । हनुमान मंदिर से पत्थर पुल तक होगा भव्य रोड शो,  5 क्व... Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे

मप्र में 34.25 लाख मतदाता हटे, भाजपा और कांग्रेस दोनों कराएंगी सत्यापन

भोपाल।  मप्र में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान एसआइआर के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची ने सियासी दलों की चिंता बढ़ा दी है। अंतिम सूची से 34.25 लाख मतदाताओं के नाम हटने के बाद खासतौर पर भाजपा सक्रिय हो गई है।

पार्टी को आशंका है कि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कमी आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में भाजपा ने बूथ स्तर पर रणनीति बनाते हुए अपने बूथ लेवल एजेंट बीएलए को सक्रिय करने का निर्णय लिया है।

बूथवार सत्यापन का अभियान

भाजपा अब बूथवार उन मतदाताओं की तलाश करेगी, जो या तो स्थानांतरित हो गए हैं या अनुपस्थित दर्ज किए गए हैं। यह संख्या 31.50 लाख से अधिक बताई जा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि ये मतदाता पात्र हैं तो उनके नाम दोबारा सूची में जुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। भाजपा प्रदेश एसआइआर टोली के सहसंयोजक एएस उप्पल ने अभियान चलाने की घोषणा की है।

कांग्रेस भी करेगी घर घर मिलान

- Install Android App -

कांग्रेस ने भी अपने बीएलए के माध्यम से हटाए गए मतदाताओं का सत्यापन कराने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि वह पुरानी, प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची का मिलान कराएगी। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो न्यायालय का रुख किया जाएगा।

आंकड़ों में बदलाव की तस्वीर

एसआइआर से पहले कुल मतदाता 5,74,06,143 थे। प्रारूप सूची के बाद यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई। अंतिम सूची में कुल मतदाता 5,39,81,065 दर्ज किए गए, यानी प्रारूप के बाद 8,49,082 की शुद्ध वृद्धि हुई। पूर्व सूची के अनुरूप 34,25,078 नाम हटाए गए।

श्रेणीवार देखें तो 8।46 लाख नाम मृतक श्रेणी में हटे, 31।50 लाख अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए और 2।77 लाख नाम दो या अधिक स्थानों पर दर्ज थे। पुरुष मतदाता 2,93,91,548 से घटकर 2,79,04,975 और महिला मतदाता 2,80,13,362 से घटकर 2,60,75,186 रह गए।

राजनीतिक दलों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने से चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है, इसलिए अब दोनों प्रमुख दल बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने में जुट गए हैं।