jhankar
ब्रेकिंग
बनापुरा मंडी में व्यापारियों की गुंडागर्दी गेहूं की बोली को लेकर दो व्यापारी में मारपीट, मंडी सचिव न... हंडिया : साइबर अपराध से बचाव के लिए हंडिया पुलिस का जागरूकता अभियान शुरू! हंडिया : मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 61वां पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मन... 24 जून 2026 – मध्यप्रदेश में हादसो की हलचल 24 जून 2026, बुधवार – मध्यप्रदेश के प्रमुख खबरें 24 जून 2026, बुधवार – मध्यप्रदेश का मौसम समाचार 🌧️ 24 जून 2026, बुधवार – देश का मौसम समाचार  🌦️ पेट्रोल भरवाने जाओ या जान जोखिम में डालो? अर्जुन फ्यूल्स के पहुंच मार्ग पर सवाल ही सवाल! 24 जून 2026, बुधवार – देश -विदेश की मुख्य खबरों की झलक 24 जून 2026, बुधवार - सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” अंतर्गत चलाया जा रहा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान

अधिक से अधिक पांडुलिपियों का पंजीयन करने की कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील
हरदा : भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत देशव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण, सूचीकरण एवं डिजिटलीकरण के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की पांडुलिपियों का सर्वे, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है।

जिले में अभी तक कुल 47 पाण्डुलिपियां पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है।
अभियान का उद्देश्य “ज्ञान भारतम्” पोर्टल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राचीन पांडुलिपियों का डेटा संकलित कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। इस अभियान की विशेष बात यह है कि “ज्ञान भारतम् एप” के माध्यम से कोई भी नागरिक, संस्था, मंदिर, आश्रम, पुस्तकालय, शिक्षण संस्थान अथवा निजी संग्रहकर्ता स्वयं अपनी पांडुलिपियों का सर्वे कर सकता है। नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी, फोटो एवं आवश्यक विवरण अपलोड कर सीधे अभियान से जुड़ सकते हैं।

- Install Android App -

इससे अधिक से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित की जा सकेगी।
कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने नागरिकों से अपील की है, कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ, ताम्रपत्र, धार्मिक अथवा ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे “ज्ञान भारतम् एप” के माध्यम से उनका पंजीयन अवश्य करें।

इससे इन धरोहरों का संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं राष्ट्रीय स्तर पर दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। यह अभियान भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देश की प्राचीन विरासत से जोड़ने में सहायता मिलेगी।