हरदा। भारतीय किसान संघ ने जिला प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से जवाब मांगा है। संगठन का कहना है कि मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने 13 दिनों तक दिन-रात अनिश्चितकालीन धरना दिया, लेकिन इस दौरान शासन-प्रशासन का कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा।
किसान संघ का आरोप है कि इसके विपरीत कांग्रेस के एक दिवसीय कार्यक्रम में एसडीएम अशोक ढेहरिया स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन लेने पहुंचे। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस के कार्यक्रम में अधिकारी पहुंच सकते हैं, तो किसानों के लंबे आंदोलन की अनदेखी क्यों की गई।
प्रेस विज्ञप्ति में किसान संघ ने यह भी कहा कि धरने के दौरान किसानों को ब्लड वैन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे 100 यूनिट से अधिक रक्तदान का नुकसान हुआ। संगठन का दावा है कि प्रशासन की ओर से यह कहा गया था कि वे सरकार के विरुद्ध नहीं जा सकते, जबकि बाद में कांग्रेस के कार्यक्रम में अधिकारी की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर से पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की है और कहा है कि किसानों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया स्वीकार्य नहीं है।

