47 किलोमीटर तक चलती रही स्लीपर बस, अंदर होती रही हैवानियत
मकडा़ई एक्सप्रेस 24दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली से एक बार फिर निर्भया जैसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के सफर में एक चलती स्लीपर बस के अंदर 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है और बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला….?
जानकारी के मुताबिक पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली है और 11वीं क्लास में पढ़ती है। बताया जा रहा है कि 4 अगस्त की रात वह परिवार से नाराज होकर नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह रास्ता भटक कर परी चौक पहुंच गई। वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को उसने मदद के लिए रोका। आरोपियों ने उसे सेक्टर-63 छोड़ने का झांसा देकर बस में बैठा लिया।
पुलिस के अनुसार बस में चढ़ने के कुछ देर बाद ही दोनों आरोपियों ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और फिर चलती बस में बारी-बारी से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। देर रात उसे कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर छोड़कर आरोपी फरार हो गए। बस में पर्दे लगे होने के कारण 47 KM तक किसी को शक तक नहीं हुआ।
राहुल गांधी का केंद्र और यूपी सरकार पर निशाना
इस घटना के सामने आने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कड़ी नाराजगी जताई है।
राहुल गांधी ने लिखा – “दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ। हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।”
उन्होंने 2012 के निर्भया कांड का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इतने सालों बाद भी स्लीपर बसों की जांच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस में लगे पर्दे सिर्फ अपराध को छिपाने का जरिया नहीं थे, बल्कि सरकार की प्रशासनिक नाकामियों पर सालों से पड़े पर्दे को भी दिखाते हैं।
जवाबदेही किसकी तय होगी…..?
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ के अधीन आने वाली यूपी पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि आखिर कितनी बच्चियों के साथ ऐसी दरिंदगी होगी तब जाकर व्यवस्था सुधरेगी।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत पर कश्मीरी गेट थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद तिमारपुर की बस पार्किंग से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। दिल्ली महिला आयोग ने भी इस मामले में पुलिस से ATR मांगी है और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है।

