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मेरठ सौरभ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी, जज बोले- अधर्म को सजा देना ही धर्म

बहुचर्चित हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 उप्र.। प्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने आज बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर IPC की धारा 302 के तहत 50,000 रुपये और अन्य धाराओं में 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

तीन मार्च 2025 को हुई इस नृशंस हत्या ने पूरे देश को हिला दिया था। मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ को मौत के घाट उतार दिया था और सबूत मिटाने के लिए उसके शव के पांच टुकड़े कर काटकर नीले ड्रम में भरने के बाद सीमेंट का घोल डाल दिया था। इस सनसनीखेज केस की सुनवाई करते हुए जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बेहद सख्त टिप्पणी की।

जज की सख्त टिप्पणी – अधर्म पर सजा देना धर्म है

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जज ने कहा- “अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है, और यह स्पष्ट किया कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की अत्यंत क्रूरता से हत्या की है, इसलिए इस जघन्य अपराध के लिए उनके प्रति किसी भी प्रकार की माफी स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए दोनों को मृत्युदंड दिया जाता है।”

सजा सुनते ही दोनों रोने लगे

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े दोनों अपराधी सजा का ऐलान सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे। जहां जज ने यह पूछने पर कि क्या वह सजा चाहती हैं, मुस्कान ने केवल अपनी बेबसी का हवाला रखते ही गुहार लगाई, जबकि साहिल पूरी तरह चुप और सदमे में रहा।

मां बोलीं- शांति से मिला न्याय

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने से राहत मिली। जहां सौरभ की मां ने कहा कि उन्हें अब जाकर थोड़ी शांति मिली है। पीड़ित परिवार की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने कहा कि उन्हें बेटे को खोने के बाद न्याय मिला है। कोर्ट के बाहर वकीलों और स्थानीय लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की और इसे एक जरूरी व सही कदम बताया।