jhankar
ब्रेकिंग
पिनेकल एकेडमी में नवदुर्गा पूजन कर हुआ कन्याभोज, कन्याओं ने किया गरबा नृत्य संपर्क शिविर में राहुल सिंह राजपूत को मात्र 5 रुपये में मिला पंप कनेक्शन विद्युत संबंधी सेवाओं हेतु ‘संपर्क अभियान’ शिविरों का हुआ आयोजन हरदा में सोशल मीडिया पर वार-पलटवार तेज, DNA और समाज को लेकर तीखी टिप्पणी; प्रशासन से कार्रवाई की मां... गेहूं की फसल अच्छी होगी, मनुष्य व पशुधन पर रहेगा बीमारी का संकट हंडिया में अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग, पुरानी शिकायत बंद होने पर सचिन तिवारी फिर पहुंचे CM हेल्पला... सिवनी मालवा: आज शाम 4:00 बजे भिलट बाबा करेंगे 6 माह की भविष्यवाणी, दोपहर 3 बजे चढ़ेगा निशान, 4 बजे द... गुजरात के भरूच में फार्मा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, 5 मजदूरों की मौत, 6 घायल - जहरीली गैस के रिसा... गुर्जर महिला मंडल के गरबा महोत्सव में भक्तिमय हुआ माहौल, माँ दुर्गा की आराधना में थिरकीं महिलाएं आज नवरात्रि का 7 वां दिन आज होगी माँ कालरात्रि की आराधना

नरवाई जलाने पर ड्रोन से रखी जा रही नजर, एक किसान पर जुर्माना

एसडीएम विजय राय ने कहा बनाना है नरवाई मुक्त उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

केके यदुवंशी पत्रकार 

सिवनी मालवा।नरवाई जलाने पर रोक के लिए जिला प्रशासन और राज्य स्तरीय टीम द्वारा ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को नायब तहसीलदार आलोक भद्र के नेतृत्व में राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल ने ग्राम भांगिया और आसपास के गांवों में ड्रोन से निगरानी की।

- Install Android App -

निगरानी के दौरान ग्राम भांगिया के खसरा नंबर 776/1, रकबा 0.700 हेक्टेयर में मक्का फसल के अवशेष में आग लगाना पाया गया। जांच में सामने आया कि भूमिस्वामी ओमप्रकाश यदुवंशी ने शासन के नरवाई प्रबंधन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी विजय राय ने संबंधित कृषक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जुर्माना अधिरोपित करने की कार्रवाई की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तहसील के साथ ही पूरे जिले में ड्रोन के जरिए निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

एसडीएम विजय राय ने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों का अधिकतम उपयोग करते हुए नरवाई जलने से मुक्त बनाना है, जिसके लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने सभी कृषक बंधुओं से अपील की है कि खेत में नरवाई/पराली न जलाएं। नरवाई जलाना पर्यावरण और मृदा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तथा दंडनीय अपराध है। इसके वैकल्पिक प्रबंधन के लिए मल्चर, बेलर आदि यंत्रों का उपयोग करें।