jhankar
ब्रेकिंग
सड़कों पर खड़े चार पहिया वाहन दे रहे हादसों को न्योता, पैदल निकलना भी मुश्किल उमंग केंद्र का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने जाना किशोरावस्था और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व नरवाई जलाने पर ड्रोन से रखी जा रही नजर, एक किसान पर जुर्माना कलेक्टर का दो टूक संदेश: सरकारी काम छोड़कर दूसरी गतिविधियों में न उलझें अधिकारी, पहले निभाएं विभागीय... हंडिया : शक्ति से सृजन’ के तहत भमोरी पहाड़ी पर पौधरोपण, वृक्ष पूजन कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश... ग्राम छापरखंडा में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर आयोजित, ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी संभाग स्तरीय बालरंग प्रतियोगिता में माय किड्स एकेडमी स्कूल हरदा के विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का ... नजूल भूमि पर निर्मित 12 दुकानों की नीलामी नियम विरुद्ध कर रही है नगर परिषद टिमरनी , आरक्षण नियमों का... नवरात्रि पर 17 अक्टूबर को हरदा में सजेगी विशाल भजन संध्या विद्युत चोरी के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान, 226 प्रकरण दर्ज, 62.35 लाख की बिलिंग

इंदौर : भारतीय किसान यूनियन ने मंडीयों में हो रही गड़बड़ी और भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री ने नाम सौंपा ज्ञापन

इंदौर। भारतीय किसान यूनियन प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा इंदौर की अहिल्याबाई मंडी एवं (चोइथराम) मंडी मे कर्मचारियों और दलालों द्वारा मिलकर किसानों के साथ हो रही और भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है। एवं प्रदेश भर मे धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम करने के लिए शासन प्रशासन को अवगत कराया गया। लेकिन आज तक मंडीयो मे हो रहा भ्रष्टाचार और गडबडी पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। अधिकारियों द्वारा इस पर चर्चा करने के उपरांत तानाशाही रवैया अपनाया गया है। अगर अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार से सुनवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन द्वारा प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन एवं चक्का जाम करने के लिए मजबूर हो जाएगा। भारतीय किसान यूनियन द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए अन्यथा ज्ञापन के 3 दिनों के उपरांत भारतीय किसान यूनियन प्रत्येक दिन जिलावार धरना प्रदर्शन एवं चक्का जाम करेगा।

भारतीय किसान यूनियन की यह है मांगे-

1. सभी किसानों को अपनी उपज मूल्य का 1,99,000/- मंडी के संज्ञान में लाने एवं तुरंत भुगतान किया जावे।

- Install Android App -

2. आलू, प्याज, लहसुन की किसानों को मंडी की मध्यस्थता में 100 प्रतिशत नीलामी पर्ची, तौल पर्ची एवं भुगतान पर्ची मिले।

3. मंडी अधिनियम के तहत आलू, प्याज, लहसुन की विक्री के उपरांत किसानों को यातो बारदाना वापस दिया जाए या उसका मूल्य दिया जावे।

4. प्रदेश की अन्य मंडियों की तरह लहसुन एवं प्यास की 100 प्रतिशत सरकारी निलामी चालू हो।

5. किसानों को तौल पर्ची दी जावे।
6. मंडी अधिनियम के तहत सारे कार्य किये जायें और उसमें पारदर्शिता लायी जावे।