हंडिया।गोवर्धन पूजा का त्योहार रविवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया|महिलाओं ने गौ माता के
गोबर से घर में गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजा अर्चना की और अन्नकूट का प्रसाद बांटा |नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन का पर्व धूमधाम से मनाया गया|घरों में गोवर्धन पूजा महिलाओें ने विधि विधान से की|गाय के गोबर से आंगन में गोवर्धन की आकृति बनाकर उसमें गायें, नर-नारी, सूरज, चंद्र आदि बनाए गए| इसके बाद भगवान की पूजा अर्चना विधि विधान से हुई।
गोबर से घर में गोवर्धन की आकृति बनाकर पूजा अर्चना की और अन्नकूट का प्रसाद बांटा |नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन का पर्व धूमधाम से मनाया गया|घरों में गोवर्धन पूजा महिलाओें ने विधि विधान से की|गाय के गोबर से आंगन में गोवर्धन की आकृति बनाकर उसमें गायें, नर-नारी, सूरज, चंद्र आदि बनाए गए| इसके बाद भगवान की पूजा अर्चना विधि विधान से हुई।पंडित रामचंद्र गीते ने बताया कि भगवान कृष्ण को मारने के लिए कंस ने अपनी माया से गोकुल में अधिक वर्षा की थी| भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुल के सभी नर नारियों,पशु पक्षियों की रक्षा की|इसीलिए इस परंपरा को मनाया जाता है। अगले दिन गोवर से बनाई गई आकृति को हटाकर उसी स्थान पर दूज की पूजा की जाती है,इससे घर में सुख समृद्घि आती है।
