दूध के उचित दाम की मांग को लेकर पशुपालकों ने हरदा SDM को सौंपा ज्ञापन
20 अगस्त से अनिश्चितकालीन दूध हड़ताल की चेतावनी, गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹50 और भैंस के दूध का ₹70 प्रति लीटर करने की मांग
हरदा। जिले के पशुपालकों ने दूध के उचित मूल्य सहित विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पशुपालकों ने कहा कि पशुपालन उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन चारा, भूसा, खली, चुरी, दाना और पानी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से पशुपालन करना मुश्किल होता जा रहा है।
पशुपालकों के अनुसार पहले भूसा करीब ₹600-700 प्रति क्विंटल मिलता था, जो अब ₹1200-1400 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं पशुओं की चिकित्सा, दवाइयों और कृत्रिम गर्भाधान आदि का खर्च भी बढ़ गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में सहकारी समितियों एवं निजी डेयरियों द्वारा गाय का दूध करीब ₹28-32 प्रति लीटर और भैंस का दूध ₹45-50 प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है, जो पशुपालकों की लागत की तुलना में कम है। बढ़ती महंगाई के चलते पशुपालकों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और कई लोग पशुपालन छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
पशुपालकों की प्रमुख मांगें
पशुपालकों ने मांग की है कि—
गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹50 प्रति लीटर और भैंस के दूध का ₹70 प्रति लीटर निर्धारित किया जाए।
12 रुपये प्रति लीटर फैट की दर से पशुपालकों से दूध खरीदा जाए।
मध्यप्रदेश में दूध उत्पादक पशुपालकों को प्रति लीटर ₹5 बोनस दिया जाए।
पशु आहार एवं भूसे पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए।
प्रत्येक तहसील स्तर पर सहकारी दुग्ध शीतलीकरण केंद्र (Bulk Milk Cooler) स्थापित किए जाएं, ताकि पशुपालकों को दूध खराब होने से नुकसान न उठाना पड़े।
ज्ञापन में पशुपालकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शासन उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 20 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन दूध हड़ताल करने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन 17 अगस्त 2026, हरदा को समस्त पशुपालकों की ओर से तहसीलदार को सौंपा गया।

