उज्जैन। सीएम माेहन यादव ने आज बुधवार को उज्जैन के हरियाखेड़ी में 1133.67 करोड़ रुपये की लागत के साथ आकार लेने वाली जल आवर्धन परियोजना के लिए वेद मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से सीएम मोहन यादव ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली 16 गाड़ियों और पांच अन्य वाहनों को हरी झंड़ी दिखाकर उन्हें रवाना किया। सीएम यादव ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक के एम्स को स्थापित करने की घोषणा भी की है।
उज्जैन में स्थापित होगा आयुर्वेदिक एम्स
सीएम मोहन यादव ने मंच से उज्जैन में आयुर्वेदिक के एम्स स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जब धन्वन्तरी का संबंध उज्जैन है तो एम्स यही पर बनेगा। सीएम ने कहा कि हरियाखेड़ी योजना के बाद उज्जैन में जल प्रदाय की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 17 नई पानी की टंकिया बनेगी। नागझिरी और निनोरा रेडीमेड गारमेंट में रोजगार प्रबंधन कर दिए हैं, जो बहने काम करेंगी उन्हें 5 हजार रुपए सरकार मिलाकर देगी। कालिदास अकेडमी में एक शेड बनाया जाएगा। वहीं मार्च माह में साईंस कालेज में 1200 लोगों की बैठक वाला गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अलावा उज्जैन से पीथमपुर तक बनने वाला उज्जैन-इंदौर रोड का भी भूमि पूजन जल्द ही होगा।
17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे
परियोजना के अंतर्गत 600 से 3000 किलो लीटर क्षमता वाले 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना के अंतर्गत 708 किमी पाइप लाइल रहेगी। जिसमें लगभग 534 किलोमीटर लंबा नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदल दी जाएगी। 49,087 लोगों को नए घरेलू कनेक्शन दिए जांएगे और साफ पानी के लिए 150 से 800 मिमी व्यास की क्लियर वॉटर पाइपलाइन (लगभग 136 किलोमीटर) तक बिछाई जाएगी। वहीं पानी के लिए 900 से 13 मिमी व्यास की रॉ वॉटर पाइपलाइन (लगभग 39.75 किलोमीटर) का निर्माण भी किया जाएगा।
योजन में शामिल है 20 गांव
उज्जैन में होने जा रहे सिंहस्थ 2028 के दौरान शहर की प्रभावी जनसंख्या करीब 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है. दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में करीब 228 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है। ये गांव नगरीय विस्तार क्षेत्र के स्थित होने के कारण भविष्य के जल मांग में महत्वपूर्ण योगदान करेंगे। यह पूरी परियोजना सिंहस्थ 2028 के बाद उज्जैन शहर के वर्ष 2055 तक की जल आपूर्ति जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्षम होगी। इस कार्यक्रम के दौरान सीएम ने पौधारोपण भी किया।

