राहुल जायसवाल सहित कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में, पांच जिलों में पुलिस की कार्रवाई; फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम
देवास/हरदा। अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए जान गंवाने वाले निरीक्षक दिलीप पुरी के मामले में देवास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शराब की बड़ी खेप हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने संदिग्धों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच अब पांच जिलों तक पहुंच गई है।
आयशर से कुचलकर की गई थी निरीक्षक की हत्या
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2 नवंबर 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर वाहन क्रमांक MP43 H 4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार पुलिस टीमें गठित कर नाकाबंदी की गई।
इस दौरान संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने संदिग्ध आयशर वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया। थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी ने चालक को वाहन से नीचे उतरकर तलाशी देने के लिए कहा, लेकिन चालक ने वाहन से उन्हें कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। घटना में आरक्षक सोहन जाट भी घायल हुए। गंभीर रूप से घायल निरीक्षक दिलीप पुरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
आयशर चालक और वाहन उपलब्ध कराने वाले की पहचान
पुलिस विवेचना में आयशर चालक की पहचान गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत निवासी जिला आलीराजपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह वाहन कैरम सिंह निवासी चंगोड़, जिला आलीराजपुर ने उपलब्ध कराया था। कैरम सिंह को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है।
टिमरनी से गुजरात तक फैला था शराब तस्करी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि शराब ठेकेदार पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर शराब दुकान का संचालन बताया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कारोबार में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस ने कथित हिस्सेदारी का उल्लेख करते हुए राहुल, मनीष और मोहिन की 30-30 प्रतिशत तथा पाटेन्द्र जायसवाल की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई है।
विवेचना में राहुल जायसवाल निवासी टिमरनी की भूमिका प्रमुख बताई गई है। पुलिस का आरोप है कि वह अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का संचालन करता था। तस्करी से प्राप्त रकम उसके पास जमा होती थी और बाद में संबंधित लोगों को उनका हिस्सा दिया जाता था।
पुलिस ने राहुल जायसवाल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की है। प्रेस नोट में उसके विरुद्ध हरदा जिले में आबकारी अधिनियम के तहत पूर्व से प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है।
इंदौर के विजय राव का नाम भी आया सामने
पुलिस के अनुसार, विवेचना में इंदौर निवासी विजय राव की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि उसने राहुल जायसवाल के लिए अवैध शराब तस्करी नेटवर्क में काम करना स्वीकार किया है। अब पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, शराब की सप्लाई और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पांच जिलों में दबिश, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों के निर्देशन में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देवास पुलिस अधीक्षक द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में थाना खातेगांव में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि निरीक्षक दिलीप पुरी की मौत के मामले की जांच के साथ-साथ अवैध शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क, उसके आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
इधर कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने मीडिया को दिए बयान में आरोपों से इंकार किया। उन्होंने कहा कि शराब के कारोबार से उनका कोई लेना देना नहीं , उन्होंने कहा कि मेरा ट्रेवल्स का ओर पेट्रोल पंप का काम है।

