बंदरों की सामूहिक मौत, हत्या या हादसा पुलिस की जांच जारी
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रविवार को शिवरामपुर मार्ग पर स्थित कुशवाहा बस्ती के पास बड़ी संख्या में बंदर मृत अवस्था में पाए गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगा दिया है।
घटना का विवरण
रविवार सुबह जब स्थानीय लोग सब्जी मंडी और अपने काम पर निकले, तो उन्होंने सड़क किनारे और झाड़ियों में बंदरों के शवों को बिखरा हुआ देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदरों के शव करीब 1 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि मृत बंदरों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है,
जबकि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 20 से 24 बंदरों के शव बरामद किए गए हैं। मौके पर दो बंदर जीवित लेकिन गंभीर स्थिति में भी पाए गए, जिनका उपचार किया जा रहा है।
करंट या जहर मौत के कारणों पर सस्पेंस
घटनास्थल पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों (DFO और रेंजर) ने शुरुआती जांच के बाद दो मुख्य आशंकाएं जताई हैं।
इलेक्ट्रिक शॉक (करंट) कुछ बंदरों के शरीर पर झुलसने के निशान मिले हैं, जिससे अंदेशा है कि वे किसी हाई-वोल्टेज तार या गीजर/हीटर के अवैध कनेक्शन की चपेट में आए होंगे।
दुसरी ओर विषाक्त पदार्थ (जहर): बंदरों के मुंह से खून निकलने और कुछ शवों के भीगे होने के कारण जहर दिए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और साजिश की आशंका
हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है। लोगों का कहना है कि जिस क्रम में शव सड़क किनारे पड़े मिले, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि बंदरों को कहीं और मारकर या बेहोश कर यहां गाड़ी (लोडर) से लाकर फेंका गया है। क्षेत्र में भगवान हनुमान के स्वरूप माने जाने वाले बंदरों की इस तरह मौत से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस और वन विभाग ने मामले को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। घटना मे सभी मृत बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और मौत की सटीक वजह जानने के लिए बिसरा सुरक्षित कर लैब भेजा गया है।
पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज
पुलिस आसपास के होटलों, दुकानों और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि किसी संदिग्ध वाहन की पहचान की जा सके।
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि यह किसी की लापरवाही या जानबूझकर की गई हत्या पाई जाती है, तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
इस दुखद घटना के बाद चित्रकूट प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।

