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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा बयान: “देशभर में सक्रिय हैं भू-माफिया, अपनी ही जमीन सुरक्षित रखना चुनौती”

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ, न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी ने जमीन सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि आज देश के लगभग सभी हिस्सों में भू-माफिया सक्रिय हैं और बढ़ती जमीन कीमतों के कारण अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कोर्ट ने यह बात एक ऐसी याचिका पर सुनवाई के दौरान कही, जिसमें एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन को बेचने की अनुमति मांगी थी।

मां को मिली जमीन बेचने की अनुमति, कोर्ट ने लगाई शर्तें

हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालत के फैसले को पलटते हुए महिला को जमीन बेचने की अनुमति दे दी। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि—

जमीन बेचने से मिली कुल राशि का 50% नाबालिग बेटी के नाम राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी के रूप में जमा किया जाएगा।

यह राशि नाबालिग के वयस्क होने पर ही निकाली जा सकेगी।

कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहती है, इसलिए जमीन की देखरेख करना उसके लिए संभव नहीं है और ऐसे मामलों में भू-माफियाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

गाजीपुर (UP) की महिला ने लगाई थी याचिका

याचिकाकर्ता ज्योतिराज बालादास गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) की निवासी हैं।

अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल और प्रवीण मिश्रा ने उनकी ओर से पक्ष रखा।

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मामले के मुख्य तथ्य

ज्योतिराज के पति रेलवे में लोको पायलट थे, जिनका 2022 में निधन हो गया।

पति ने जीवनकाल में शहडोल के ग्राम सोखी में जमीन खरीदी थी, जो पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी के नाम दर्ज है।

पति की मृत्यु के बाद ज्योतिराज को अनुकंपा नियुक्ति मिली और वह यूपी में ही बस गईं।

जमीन 600 किमी दूर होने के कारण उसका संरक्षण मुश्किल था।

ज्योतिराज ने Hindu Minority and Guardianship Act, 1956 के तहत निचली अदालत से जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति अस्वीकार कर दी गई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की।

हाईकोर्ट का राहतकारी फैसला

हाईकोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि

दूर रहने वाले व्यक्तियों के लिए अपनी जमीन की देखभाल करना कठिन है, विशेषकर ऐसे समय में जब भू-माफिया लगातार सक्रिय हैं।

इस आधार पर कोर्ट ने महिला को जमीन बेचने की अनुमति दी और नाबालिग के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक शर्तें भी लगाईं।