jhankar
ब्रेकिंग
सहायक सचिव पर पूर्व में लग चुके आरोप: मनरेगा खाते से राशि निकालने और धमकी देने का आरोप, कलेक्टर से क... आदेश के बावजूद सहायक ग्रेड-3 को अनुभाग-3 में बनाए रखने पर सवाल, संरक्षण के आरोप विकास के दौर में कीचड़ से गुजरी तिरंगा यात्रा, हंडिया की सड़क ने दिखाई जमीनी हकीकत हरदा जिले की खास खबरों की झलक 18 अगस्त 2026 हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा खिरकिया, कावड़ यात्रियों पर जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा पालकी में सवार होकर निकले भोलेनाथ, जयकारों से गूंजा सिराली अमृत-2 योजना में पार्षद प्रतिनिधि दीपक दीक्षित ने लगाया लापरवाही का आरोप   कच्ची सड़कों से त्रस्त गांव वाले, बोले - पक्की सड़क नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार ऑपरेशन के बाद भी पत्नी ने दिया बच्चे को जन्म, दिव्यांग पति ने कलेक्टर से मांगी आर्थिक सहायता कलेक्टर हरदा ने तत्कालीन तहसीलदार श्रीमती एक्का पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की ! 13 माह बाद ...

सुकमा में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर झटका: 60 में से 27 माओवादी मुख्यधारा में लौटे

सुकमा। छत्तीसगढ़ के लाल आतंक को जड़ से मिटाने की दिशा में सुरक्षाबलों की प्रभावी कार्रवाई रंग ला रही है। सोनू दादा समेत कुल 60 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद नक्सली संगठन को एक और भारी झटका लगा है। बुधवार को सुकमा जिले में 27 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 50 लाख रुपये के इनाम घोषित थे। इनमें दो हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रेरित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पित माओवादियों में एक सीवायसीएम सदस्य, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन के सदस्य शामिल हैं।

- Install Android App -

सरेंडर करने वाले नक्सलियों में शामिल हैं:

10 महिलाएं,सबसे बड़े इनामी नक्सली ओयाम लखमू (10 लाख), तीन नक्सली जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था, कई अन्य जिन पर 1-3 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था इन सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50,000-50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई और शासन की प्रेरक नीतियों के चलते यह सरेंडर नक्सलियों के लिए मुख्यधारा में लौटने का एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है। यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सली आंदोलन को गंभीर झटका देने के साथ ही प्रदेश की शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।