भोपाल। राजधानी भोपाल में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के बीच खाद्य और आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इंडेन गैस के गोदाम में छापेमारी के दौरान ट्रक में मौजूद 40 से ज्यादा गैस सिलेंडरो में वजन कम निकला। इतना नही नहीं कई सिलेंडरों के सील भी टूटे मिले। बताया जा रहा है कि सिलेंडर में गैस की निर्धारित मात्रा से 2 किलों तक वजन कम निकला है।
गैस सिलेंडर के ट्रांसपोर्टेशन में बड़ी गड़बड़ी
पूरा मामला मालिखेड़ी स्थित सैनी इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम का है. खाद्य और आपूर्ति विभाग को सूचना मिली थी कि जो भी गैस सिलेंडर की सप्लाई डिपो से गोदाम तक हो रही है। उसमें कालाबाजारी की जा रही है। जिसके बाद आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक में मौजूद सभी गैस सिलेंडर निकाल कर उनका वजन तौला गया। जिसमें 40 से ज्यादा गैस सिलेंडर ऐसे निकलने, जिसमें एक से दो किलो तक वजन कम निकला।
सूचना के आधार पर की छापेमारी
अधिकारियों का कहना है कि हमको सिलेंडर में कम गैस देने की बात पता चली थी। जिसके बाद हमने जानकारी के आधार पर जांच की और जानकारी सही पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 40 से ज्यादा सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम पाई गई है। लेकिन अभी भी बाकी गैस सिलेंडरों की तौल की जा रही है। जैसे-जैसे जानकारी सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डिपो या गोदाम कहां हुई गड़बड़ी?
जानकारी के मुताबिक बुधवार रात 8 बजे गैस सिलेंडर से भरा ट्रक डिपो से निकला था। जबकि सैनी इंडेन गैस एजेंसी पर सुबह 9 बजे पहुंची। जिसके बाद विभाग ने छापेमारी की है। सवाल ये है कि इस बीच गैस सिलेंडरों में वजन कैसे कम हो गया।
वहीं इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है, ‘प्लांट से जब गैस सिलेंडर रवाना किए जाते हैं तो एक-एक सिलेंडर का वजन तौला जाता है। जिसके बाद ही उन्हें ट्रक पर लादा जाता है। हमारे पास एक-एक गैस सिलेंडर का रिकॉर्ड रहता है। ऐसे में यहां से गड़बड़ी की संभावना जीरो है। ट्रक ड्राइवर ही गैस सिलेंडर लेकर निकला था। उससे पूछताछ की जाएगी। संभावना है कि ट्रांसपोर्ट के दौरान ही सिलेंडर से गैस को कम किया गया है।
जनता की चिंता बढ़ी
जहां एक तरफ मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर दिक्कत हो रही है। वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की खबरें आम जनता की टेंशन बढ़ा रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि अधिकारियों को गैस की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। कालाबाजारी करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी है।

