ब्रेकिंग न्यूज़ : कपिल सिब्बल बोले SIR राज्यों पर बोझ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा “सिर्फ आधार पर मतदान तय नहीं हो सकता
SIR को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
कई याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली। SIR प्रणाली से जुड़ी कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि SIR की प्रक्रिया राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डालती है, जिसके चलते इसे लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं।
सुप्रीम कोर्ट मे सवाल जबाब
सिब्बल ने दलील दी कि राज्यों की प्रशासनिक क्षमता पहले से ही दबाव में है, ऐसे में SIR लागू करना राज्य मशीनरी पर अतिरिक्त भार डाल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने मतदान के अधिकार पर दी स्पष्ट टिप्पणी
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह भी साफ कहा गया कि—
“केवल आधार (Aadhaar) के आधार पर मतदान का अधिकार तय नहीं किया जा सकता। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
अदालत ने कहा कि मतदान एक संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए किसी एक पहचान दस्तावेज़ को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।
याचिकाओं में क्या मांग की गई थी ?
दाखिल याचिकाओं में SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं को वैधता देने और इसे अनिवार्य करने जैसी माँगें की गई थीं। लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि
_वर्तमान व्यवस्था में किसी एक दस्तावेज़ के आधार पर वोट देने का अधिकार तय नहीं किया जा सकता।_
SIR से राज्यों पर बढ़ते बोझ को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता
मतदान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित रखना प्राथमिकता है
इन तर्कों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कई याचिकाएँ खारिज कर दीं।
अगली सुनवाई पर क्या होगा ?
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब मांगते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा, लेकिन कोई भी फैसला नागरिकों के अधिकारों और राज्यों की क्षमता को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

