मकड़ाई एक्सप्रेस 24भोपाल।
मध्य प्रदेश पुलिस में अब वर्दी पहनकर सोशल मीडिया रील बनाना महंगा पड़ सकता है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी यूनिफॉर्म में रील या मनोरंजन से जुड़ा वीडियो नहीं बनाएगा।
वर्दी की गरिमा से समझौता नहीं
DGP के आदेश में कहा गया है कि पुलिस की वर्दी अनुशासन, जिम्मेदारी और जनसेवा का प्रतीक है। वर्दी पहनकर बनाए जा रहे रील और वीडियो कई बार पुलिस की छवि और गरिमा को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की निगरानी करें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासनहीनता पर होगी कार्रवाई
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी वर्दी में रील बनाते या वायरल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय होगी। इसमें चेतावनी से लेकर अन्य कठोर दंड तक शामिल हो सकते हैं।
पुलिस की छवि बनाए रखना प्राथमिकता
पुलिस विभाग का मानना है कि सोशल मीडिया का उपयोग जागरूकता और सकारात्मक संदेशों के लिए किया जाना चाहिए, न कि वर्दी की मर्यादा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए। नए निर्देशों का उद्देश्य पुलिस की पेशेवर छवि और जनता का विश्वास बनाए रखना है।

