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एक महीने में कार बिक्री 5 लाख यूनिट्स के पार

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुष्टि की कि अपडेटेड जीएसटी सिस्टम लागू होने के सिर्फ एक महीने में कार बिक्री 5 लाख यूनिट्स के पार चली गई। भारत का ऑटोमोटिव सेक्टर इस साल के त्योहारी सीजन में जीएसटी 2.0 सुधारों के साथ मिलकर रिकॉर्ड प्रदर्शन करने में सफल रहा। 22 सितंबर से लागू हुए रिफॉर्म्स ने बाजार में नई गति लाई और यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 6,50,000 से 7,00,000 यूनिट्स तक पहुंचने की संभावना जताई, जो देश में मजबूत उपभोक्ता मांग का स्पष्ट संकेत है। इस उछाल में सबसे आगे रही मारुति सुजुकी, जिसने इस अवधि में 3,50,000 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की।

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छोटी कारों पर टैक्स कटौती ने कंपनी को जबरदस्त फायदा दिया। टाटा मोटर्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया, और पिछली समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। खासतौर पर टाटा की इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 37प्रतिशत का उछाल देखा गया, जो ईवी सेगमेंट में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। हुंडई ने औसतन रोजाना 2,500 यूनिट्स की बिक्री कर बाजार में तेजी दिखाई, जबकि महिंद्रा, किआ और टोयोटा ने मिलकर 1,00,000 से 1,50,000 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ। त्योहारों के दौरान न सिर्फ शोरूम, बल्कि ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी खरीदारी का क्रेज देखने को मिला।

छोटे शहरों और कस्बों में भी तेज डिलीवरी और प्रीमियम उत्पादों के कारण मांग में वृद्धि हुई। साल 2025 में दिवाली की कुल बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। इस उछाल ने रोजगार के अवसर भी बढ़ाए। लगभग 50 लाख लोगों के लिए अस्थायी रोजगार सृजित हुआ, जिससे अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी 2.0 और मजबूत उपभोक्ता मांग ने देश में न केवल वाहन बिक्री में इजाफा किया, बल्कि उपभोक्ता खर्च को भी बढ़ावा दिया।