मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में धांधली: अपनों को रेवड़ी बांट रहे अधिकारी, गरीब बुजुर्गों के हक पर डाका
हरदा। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों और पारदर्शी शासन के दावों को हरदा जिले की एक तहसील में खुलेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ यहाँ पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर पात्र और जरूरतमंद बुजुर्गों के बजाय रसूखदारों और अधिकारियों के चहेतों को तीर्थ यात्रा का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
नियमों की उड़ रही धज्जियां, ‘अपनों’ पर मेहरबानी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस तहसील में तीर्थ यात्रियों की चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। जिन गरीब और बेसहारा बुजुर्गों के लिए यह योजना जीवन का एकमात्र सहारा थी, उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी निराशा हाथ लग रही है। वहीं दूसरी ओर, सक्षम और पैसे वाले लोग अधिकारियों से साठगांठ कर सूची में अपना नाम शामिल करवा रहे हैं।
बड़ा सवाल: जो लोग अपने खर्च पर तीर्थ यात्रा करने में सक्षम हैं, उन्हें सरकारी खजाने से यात्रा क्यों कराई जा रही है? जबकि असली हकदार गरीब बुजुर्ग आज भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
इस पूरे मामले में अब जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और पीड़ित बुजुर्गों ने माननीय कलेक्टर महोदय से इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेने की गुहार लगाई है।

