आरएसएस के संस्कारों की दिखी झलक
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 हरदा। बाल किशोर और युवाओ में सेवा संस्कार नैतिकता और अनुशासन मे रहने और देश भक्ति की भावना जाग्रत करना आरएसएस का मुख्य उद्देश्य होता है। यहां जुड़ने वाले प्रत्येक सदस्य को अनुशासन, बाल संस्कार, नैतिकता और बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी लोगों का सहयोग करने की शिक्षा दी जाती है। इसका जीवंत स्वरूप आज हरदा में निकली बाल शिव की रैली में देखने को मिला।
नया बस स्टैंड से शुरू होकर अस्पताल चौक तक पथ संचलन
रविवार शाम शहर में घोष की धुन पर कदमताल करते हुए 200 बाल स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। जगह-जगह गणवेशधारी बच्चों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
पथ संचलन नया बस स्टैंड के पास स्थित एक निजी स्कूल से शुरू हुआ। वहां से स्वयंसेवकों की टोली एलआईसी ऑफिस, अंबेडकर चौक और अस्पताल चौक होते हुए वापस स्कूल पहुंची। इसमें 8 से 18 साल तक के बच्चे शामिल हुए। बच्चों के अभिभावकों ने भी सहभागिता की। ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोष करते टोली भी आकर्षण का केंद्र रही।
आयोजन का उद्देश्य बच्चों को अनुशासन, शारीरिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना तथा उनमें देशभक्ति की भावना विकसित करना था।
पथ संचलन के दौरान बच्चों ने भारत माता के जयकारे लगाए। नगर के प्रमुख मार्गों, गलियों और मोहल्लों से गुजरते समय राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

