नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने चाहे टेस्ट हो, वनडे हो या टी20 तीनों फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है और सभी फॉर्मेट में कम से कम 50 मैच खेलने का गौरव हासिल किया है। एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा ऐसे नाम हैं जो इस सूची में सबसे ऊपर रहते हैं, और अब जसप्रीत बुमराह भी इस खास क्लब में शामिल हो गए हैं। बुमराह वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने 50वें टेस्ट मैच में खेल रहे हैं, जिससे वह सभी फॉर्मेट में कम से कम 50 मैच खेलने वाले सातवें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। जसप्रीत बुमराह वनडे में 89 और टी20 में 75 मैच खेल चुके हैं। वे अपना 50वां टेस्ट दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेल रहे है। इससे पहले, एमएस धोनी इस लिस्ट में पहले शामिल हुए थे। धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर में 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 मैच खेले थे। उन्होंने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद किया जाएगा।
विराट कोहली और रोहित शर्मा भी इस सूची में दिग्गजों के रूप में शामिल हैं। विराट कोहली ने 123 टेस्ट, 302 वनडे और 125 टी20 मैच खेले हैं, जबकि रोहित शर्मा ने 67 टेस्ट, 273 वनडे और 159 टी20 मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया है, लेकिन वनडे फॉर्मेट में वे अब भी सक्रिय हैं। रवींद्र जडेजा और आर अश्विन की जोड़ी भी सभी फॉर्मेट में कम से कम 50 मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शामिल है। अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया है और उन्होंने 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 मैच खेले। वहीं जडेजा अब भी वनडे और टेस्ट में सक्रिय हैं और उन्होंने 86 टेस्ट, 204 वनडे और 74 टी20 मैच खेलकर टीम इंडिया को सेवा दी है।
केएल राहुल इस क्लब में छठे भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने अब तक 64 टेस्ट, 85 वनडे और 72 टी20 मैच खेले हैं और लगातार भारत के लिए योगदान दे रहे हैं। इस सूची से स्पष्ट है कि एमएस धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा, आर अश्विन और केएल राहुल जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के हर फॉर्मेट में अपनी शानदार छवि बनाए हुए हैं। इनके अनुभव और प्रदर्शन ने टीम इंडिया को विश्व क्रिकेट में एक अलग पहचान दिलाई है और ये खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

