मकड़ाई एक्सप्रेस 24 सतना। जिला मुख्यालय के समीप रामवन पथ गमन हाईवे पर मंगलवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। तिघरा मोड़ के पास भैंसों से भरे एक अनियंत्रित कंटेनर और सामने से आ रहे ट्रक के बीच सीधी टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सड़क से नीचे उतरकर पलट गए। इस दुर्घटना में कंटेनर में लदी कई भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों पशु गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
अमानवीय तरीके से ले जाई जा रही थीं भैंसें
मिली जानकारी के अनुसार, कंटेनर (MP 20 JJ 1308) में करीब 50 से अधिक भैंसों को बेहद क्रूरता और अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। बताया जा रहा है कि यह वाहन सतना से जबलपुर की ओर जा रहा था, तभी सुबह करीब 4 बजे सामने से आ रहे अनाज लदे ट्रक (MP 21 ZD 9367) से इसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के तुरंत बाद कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया, जिससे अवैध परिवहन की आशंका और गहरा गई है।
बारातियों ने पेश की इंसानियत की मिसाल
हादसे के वक्त शहडोल से लौट रहे बारातियों ने घायल पशुओं की चीख-पुकार सुनकर अपनी गाड़ी रोक दी। मानवता का परिचय देते हुए अखंड प्रताप सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, अफरोज खान, लोकेंद्र और उनके साथियों ने जान की परवाह न करते हुए कंटेनर का दरवाजा खोला और फंसे हुए पशुओं का रेस्क्यू शुरू किया। युवकों की इस तत्परता की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची। हालांकि, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चर्चा है कि मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मी ट्रक के केबिन की तलाशी लेते समय वहां रखा सामान अपने साथ ले गए। इस मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाने की बात कही जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों को कहां ले जाया जा रहा था और क्या यह तस्करी का मामला है। दोषियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

