हरदा कलेक्टर ने कार्यालय में फहराया ध्वज, ध्वजारोहण नहीं हुआ सम्पन्न, ग्राउंड पर सलामी न लेने की चर्चा
मकड़ाई एक्सप्रेस हरदा । हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने 15 अगस्त पर 80 वें स्वाधीनता पर्व के उपलक्ष्य में कार्यालय में ध्वज फहराया। हालांकि उन्हें ध्वजारोहण करना था। 15 अगस्त पर ध्वजारोहण और 26 जनवरी पर ध्वज फहराने का प्रावधान होता है।
इसी तरह मिडिल स्कूल ग्राउंड पर भी राजस्व मंत्री द्वारा आज ध्वज फहराया गया। जबकि स्वाधीनता दिवस पर ध्वजारोहण किया जाना था।
मिडिल स्कूल ग्राउंड पर झंडावंदन के दौरान राजस्व मंत्री व एसपी तो ध्वज की सलामी लेते देखे गए लेकिन कलेक्टर जैन ने सलामी नहीं ली। इस बात की चर्चा कार्यक्रम के दौरान जारी रही। इस संबंध में कलेक्टर श्री जैन से संपर्क करना चाहा लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
■ क्या है झंडा फहराना और ध्वजारोहण में अंतर:
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। दरअसल जिस दिन भारत को आजादी मिली थी उस दिन ब्रिटिश गवर्नमेंट ने अपना झंडा उतारकर भारत के तिरंगे को ऊपर चढ़ाया था, इसलिए हर साल 15 अगस्त को तिरंगा ऊपर खींचा जाता है। फिर उसके बाद फहराया जाता है। इस पूरे प्रोसेस को ध्वजारोहण (Flag Hoisting) कहते हैं। वहीं, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है। उसे केवल फहराया जाता है। यही वजह है की उसे ध्वजारोहण नहीं बल्कि झंडा फहराना (Flag Unfurling) कहते हैं।
गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें देश के राष्ट्रपति तिरंगा फहराकर उसे नमन करते हैं। वहीं, 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण करने का प्रावधान है।
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