हरदा जिले में सौर ऊर्जा का उपयोग प्रतिदिन बढ़ रहा है। घरेलू सौर संयंत्र, कृषि सौर पम्प, ऊर्जा दक्षता, विद्युत सुरक्षा, रख-रखाव तथा ऊर्जा ऑडिट जैसे कार्य आने वाले समय में और अधिक विस्तार प्राप्त करेंगे। सोलर तकनीकी प्रशिक्षण न केवल ऊर्जा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा, बल्कि घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा सेवाएँ प्रदान करेगा।
यदि युवाओं को समुचित तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए, तो हरदा जिले की ऊर्जा आवश्यकताओं को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इस कारण शासकीय आईटीआई हरदा में सौर तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होना जिले के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण, समयानुकूल और भविष्यदर्शी कदम माना जाएगा।
पूर्व भाजपा जिला प्रवक्ता एवं प्रोपराइटर – अक्षत ऊर्जा हरदा, अशोक गुर्जर ने जिला कलेक्टर महोदय से अनुरोध किया है कि हरदा जिले के युवाओं के लिए शासकीय आईटीआई में “Solar Technician (Electrical)” अथवा समकक्ष सौर तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ कराया जाए।
श्री गुर्जर ने कहा कि जिले में सौर ऊर्जा का विस्तृत उपयोग, घरेलू एवं कृषि क्षेत्र में होने वाली विद्युत खपत, रख-रखाव, ऊर्जा प्रबंधन एवं सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित तकनीशियनों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।
सौर पम्पों, रूफटॉप संयंत्रों, ऊर्जा दक्षता और बिजली बिल अनुकूलन के क्षेत्र में प्रशिक्षित कौशल उपलब्ध होने से हरदा जिला ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में स्वावलंबी हो सकेगा।
इस प्रशिक्षण का भविष्य में हरदा जिले पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि ऊर्जा कौशल से युवाओं को त्वरित रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध होगा। जिले में सोलर संयंत्र, ग्रामीण विद्युतीकरण, कृषि सिंचाई पंप, विद्युत सुरक्षा एवं ऊर्जा ऑडिट सेवाओं का विस्तार होने से स्थानीय तकनीकी बाजार, स्टार्ट-अप और हरित उद्यम विकसित होंगे।
प्रशिक्षित युवा घरेलू, ग्रामीण, औद्योगिक एवं कृषि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली ऊर्जा सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे। यदि हरदा जिला कौशल के क्षेत्र में यह पहल करता है, तो आने वाले समय में हरदा को “सौर तकनीकी कौशल केंद्र” (Solar Skill Hub) के रूप में स्थापित करने की भरपूर संभावनाएँ हैं।
इससे जिले की ऊर्जा आवश्यकताओं का समाधान स्थानीय स्तर पर होगा, साथ ही हरदा जिला प्रदेश में हरित विकास, ऊर्जा दक्षता और रोजगार सृजन का आदर्श मॉडल बन सकता है।
श्री गुर्जर ने यह भी सुझाव दिया है कि शासकीय आईटीआई हरदा को प्रोत्साहित करते हुए, इस प्रशिक्षण योजना के अनुमोदन के लिए Directorate General of Training (DGT), Skill Council for Green Jobs (SCGJ), और MNRE – National Institute of Solar Energy (NISE) से आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने हेतु राज्य शासन और भारत सरकार से औपचारिक पत्र-व्यवहार किया जाए।
इस प्रकार संस्थागत मान्यता मिलने से प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थापित किया जा सकेगा।
अक्षत ऊर्जा हरदा, एक अधिकृत सोलर वेंडर फर्म होने के नाते, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः तत्पर है। संस्था द्वारा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, उपकरण प्रदर्शन, सौर संयंत्र स्थापना, रख-रखाव, ऊर्जा ऑडिट परीक्षण, Earthing निरीक्षण, फील्ड विज़िट, वास्तविक साइट अनुभव तथा इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विद्यार्थियों को लाइव परियोजनाओं, उपकरण संचालन, DB परीक्षण, सुरक्षा मूल्यांकन, बिल विश्लेषण और AMC कार्यों से परिचित कराया जाएगा। अक्षत ऊर्जा की तकनीकी भागीदारी से युवाओं का कौशल उपयोगी, व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और बाज़ार-उन्मुख बनेगा।
इस पहल से हरदा जिला दीर्घकाल में “सौर तकनीकी कौशल हब” के रूप में प्रतिस्थापित हो सकेगा। जिले के प्रशिक्षित युवा न केवल सौर संयंत्र स्थापना व संचालन में दक्ष होंगे, बल्कि ऊर्जा प्रबंधन, सुरक्षा निरीक्षण और ग्रामीण विकास में भी सकारात्मक योगदान देंगे।
अक्षत ऊर्जा द्वारा दी जाने वाली इंटर्नशिप एवं फील्ड प्रशिक्षण व्यवस्था हरदा जिले को आत्मनिर्भर बनाएगी और स्थानीय स्तर पर ऊर्जा अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगी।

